देश बेचने वाले का नहीं हूं परिवार, राजद ने शुरू किया नया अभियान, पीएम मोदी को ऐसे दिया जबाव

देश बेचने वाले का नहीं हूं परिवार, राजद ने शुरू किया नया अभि

PATNA: बिहार में सियासी हलचल तेज है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजद सुप्रीमो लालू यादव के परिवारवाद को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पीएम ने 2 मार्च को बिहार के औरंगाबाद में परिवारवाद को लेकर लालू परिवार पर निशाना साधते हुए कहा था कि, कुछ लोग अपने परिवार को ही आगे बढ़ाते हैं। जिसके बाद राजद सुप्रीमो ने 3 मार्च में गांधी मैदान में हुई जनविश्वास रैली के दौरान पीएम मोदी पर करारा प्रहार किया और कहा कि पीएम मोदी का कोई परिवार ही नहीं है तो हम क्या करें। जिसको लेकर पीएम मोदी ने देश को नया नारा, 'मैं हूं मोदी का परिवार' दे दिया। वहीं तब से यह विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। 

देश बेचने वाले का नहीं हूं परिवार

एक ओर जहां भाजपा के द्वारा "मोदी का परिवार" अभियान शुरू कर दिया गया है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने सोशल मीडिया पर अपनी नाम के साथ "मोदी का परिवार" जोड़ लिया। वहीं विपक्ष के द्वारा इस अभियान का विरोध किया जा रहा है। इसी कड़ी में राजद जिला कोषाध्यक्ष मो, गुलाम मुस्तफा के द्वारा राजद कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है। इस पोस्टर के राजद ने पीएम मोदी को देश का संपत्ति बेचने वाला बताते हुए कहा कि हमे गर्व है कि हम संपत्ति बेचने वाले का परिवार नहीं हैं। वहीं राजद सुप्रीमो लालू यादव ने इस मामले में कहा है कि अगर पूरा देश मोदी का परिवार है तो अपना सिर क्यों नहीं मुंडवा ले रहा है। 

पीएम पर राजद का प्रहार 

राजद कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ लालू परिवार की तस्वीरें लगाई गई है। साथ ही पोस्टर में लिखा गया है कि, " गर्व से कहता हूं मैं देश के संपत्ति बेचने वाला का परिवार नहीं हूं"। गौरतलब हो कि बीते दिन भी पीएम मोदी बिहार दौरे पर थे। उन्होंने इस दौरान भी लालू परिवार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, पीएम ने अपने भाषण में कहा कि मैंने बहुत छोटी आयु में घर छोड़ दिया था। बिहार का कोई भी व्यक्ति बाहर रहे लेकिन छठ-दिवाली पर घर जरूर पहुंचता है। मगर मोदी ने बचपन में ही घर छोड़ दिया। मेरे लिए तो पूरा भारत ही घर है। हर भारतवासी मेरा परिवार है। हर भारतीय यह कह रहा है- मैं हूं मोदी का परिवार। 

कब शुरू हुआ परिवारवाद का विवाद

परिवारवाद को लेकर यह विवाद उस दिन शुरू हुआ जब डेढ़ साल के बाद पीएम मोदी बिहार दौरे पर आएं थे। पीएम मोदी 2 मार्च को बिहार के औरंगाबाद और बेगूसराय में सभा को संबोधित किए। इस दौरान उन्होंने ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि विपक्ष केवल परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है। जिसे लेकर लालू यादव ने 3 मार्च को गांधी मैदान में आयोजित हुई जनविश्वास महारैली में पीएम पर परिवारवाद को लेकर बड़ा हमला बोला, " ये क्या है मोदी‘ अरे भाई तुम बताओ ना कि तुम्हारे परिवार में कोई संतान क्यों नहीं हुआ। ज्यादा संतान होने वाले लोगों को बोलता है कि परिवारबाद है। परिवार के लिए लड़ रहा है। तुम्हारे पास तो परिवार ही नहीं है।’ उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी तो हिंदू भी नहीं है। मोदी की माताजी का जब निधन हुआ तो सबने देखा कि मोदी ने माँ की मौत के बाद भी बाल-दाढ़ी नहीं बनवाया।

पीएम ने विपक्ष के हमले को बनाया अपना हथियार

पीएम मोदी ने लालू यादव के इस बयान को उनके ही खिलाफ इस्तेमाल कर दिया है। पीएम ने 2019 की तरह ही 2024 में एक नारा दे दिया है, "मैं हूं मोदी का परिवार"। पीएम मोदी के इस नए नारे के बाद सोशल मीडिया पर मोदी का परिवार का होड़ मच गया। खास से लेकर आम लोगों तक ने अपने नाम के साथ मोदी का परिवार जोड़ लिया है। जिसके बाद लालू यादव कहीं ना कहीं अपने ही बयान में फंस गए हैं। ठीक वैसे ही जैसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2019 में "चौकीदार चोर है" बोल कर अपने ही पैरों में कुल्हारी मार ली थी। क्योंकि राहुल के इस बयान के बाद पीएम मोदी ने "मैं हूं चौकीदार" का नारा दे दिया था। जिसके बाद सोशल मीडिया पर "मैं भी चौकीदार हूं" की आंधी आ गई थी।