अगर नहीं लिया वैक्सीन का दोनों डोज तो छिन जाएगा वोट देने का अधिकार, चुनाव आयोग करने जा रहा है व्यवस्था

अगर नहीं लिया वैक्सीन का दोनों डोज  तो छिन जाएगा वोट देने का अधिकार, चुनाव आयोग करने जा रहा है व्यवस्था

NEW DELHI : आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भले ही अभी तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन उससे पहले ही देश का चुनाव आयोग वोट के अधिकार को लेकर बड़ा निर्णय लेने की तैयारी में जुट गई है। बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग की तरफ से इस बात की तैयारी की जा रही है कि वैक्सीनेशन के दोनों डोज लेने वाले को ही वोट देने का ही अधिकार मिलेगा। जो लोग वैक्सीन नहीं लेंगे, वह चुनाव में अपना वोट नहीं दे पाएंगे। चुनाव आयोग ने इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय से मीटिंग भी की है। हालांक  अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

क्या हुआ मीटिंग में 

मीटिंग में चुनाव कराएं या नहीं, इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए आयोग के अधिकारियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और स्वास्थ्य मंत्रालय के अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग की है। इस मीटिंग में देश में बढ़ते कोरोना मामलों के कारण बने हालात का पूरा एनालिसिस किया गया। साथ ही इस दौरान चुनाव कराने के संभावित असर पर मंथन किया गया। स्वास्थ्य सचिव ने आयोग को देश में कोविड के हालात के बारे में जानकारी दी। बैठक में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल, ICMR के महानिदेशक बलराम भार्गव और AIIMS दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया भी मौजूद रहे।  

वैक्सीनेशन किया जा सकता है अनिवार्य

बैठक में एक्सपर्टस ने चुनाव कराने की स्थिति में लागू किए जाने वाले सुरक्षा मानकों को लेकर सलाह दी। बताया जा रहा है कि बैठक में एक्सपर्टस ने पोलिंग बूथ पर चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने वाले सभी कर्मचारियों और वोट डालने वाले वोटर्स के लिए कम्पलीट वैक्सीनेशन यानी दोनों डोज लगवाना कम्पलसरी करने की एडवाइज दी है। इस एडवाइज को सभी ने सही भी माना, लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

पांच राज्यों में होने हैं चुनाव
देश के पांच राज्यों में अगले दो महीने के अंदर विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा शामिल हैं। इन सभी की विधानसभाओं का कार्यकाल अगले दो से तीन महीने में पूरा हो रहा है, लेकिन इन राज्यों में बढ़ते कोरोना मामलों के कारण चुनाव आयोग पर लगातार फिलहाल मतदान के लिए लाइनें लगाने से बचने के लिए दबाव बन रहा है।

इससे पहले चुनाव आयोग के अधिकारियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण के साथ मीटिंग की थी। उस मीटिंग में भी चुनाव कराने के सुरक्षित तरीकों पर चर्चा की गई थी। उस मीटिंग में आयोग के अधिकारियों ने भूषण से पोल कैंपेन, पोलिंग-डे और वोट काउंटिंग-डे के लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल को इम्प्रूव करने को लेकर डिटेल रिपोर्ट देने का आग्रह किया था।


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