बाप के सामने बेटे की नहीं गली दाल, पंचायत चुनाव में पिता से करना पड़ा करारी हार का सामना

बाप के सामने बेटे की नहीं गली दाल, पंचायत चुनाव में पिता से करना पड़ा करारी हार का सामना

MOTIHARI : बिहार के पंचायत चुनाव में कई जगह ऐसे हैं, जहां परिवार के लोग ही आमने सामने हैं। ऐसा ही एक पंचायत है पूर्वी चंपराण के पताही प्रखंड की सरैया गोपाल पंचायत। इस पंचायत में पांचवे चरण में चुनाव था। चुनाव की सबसे खास बात यह थी कि यहां मुकाबला बाप-बेटे के बीच था। जिसमें एक पिता ने दिखा दिया कि बाप, बाप होता है। बेटे को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है।

बताया गया कि मुखिया पद के लिए सुरेश प्रसाद सिंह ने अपनी दावेदारी की थी। वह निवर्तमान मुखिया भी थे। लेकिन उनके सामने बड़े बेटे अंशु सिंह ने अपना नामांकन करवा लिया। इनके अलावा चुनाव में पांच और लोग प्रत्याशी थी। जिनमें कड़ा मुकाबला था, लेकिन चर्चा बाप-बेटे की हो रही थी। 

पिता को मिली जीत

मंगलवार को चुनाव का परिणाम जारी किया, जिसमें रिटायर्ड शिक्षक व वर्तमान मुखिया सुरेश प्रसाद सिंह ने जीत हासिल कर ली। उनको कुल 1386 वोट मिले। वहीं, उपविजेता उमेश प्रसाद सिंह को 1340 वोट मिले। जबकि, अंशु सिंह को सिर्फ 149 वोट मिले। वह छठे स्थान पर रहे।

इसलिए उतरे पिता के खिलाफ

बताया गया कि सुरेश प्रसाद सिंह 2016 में रिटायर्ड होने के बाद पंचायत चुनाव लड़े और मुखिया पद जीत गए। लोगों ने बताया कि बड़े बेटे अंशु सिंह का इधर कुछ दिनों से पिता से विवाद चल रहा था। पिता ही उसे घर चलाने के लिए खर्च देते थे। छोटे बेटे लड्‌डू सिंह BJP नेता व ठेकेदार हैं। यही वजह है कि वह पिता के प्रिय भी थे। इस बात से अंशु सिंह चिढ़े रहते थे। इसी वजह से इस बार उन्होंने पिता के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। 




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