सदर अस्पाल में दवा से नहीं हाथ पैर बांध किया जाता है मरीजों का इलाज, सामने आयी तस्वीरें

सदर अस्पाल में दवा से नहीं हाथ पैर बांध किया जाता है मरीजों का इलाज, सामने आयी तस्वीरें

SASARAM : खबर रोहतास से है। जहां सासाराम के सदर अस्पताल से एक तस्वीर सामने आई है। जिसमें एक बीमार व्यक्ति को बांधकर इलाज किया जा रहा है। यह तस्वीर सासाराम के सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर की है। 

बताया जाता है कि डिहरी रेलवे स्टेशन पर नशाखुरानी के शिकार होकर एक व्यक्ति बेहोश पड़ा था। जिसे रेल पुलिस में लाकर सासाराम के सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कर दिया। दुर्भाग्य से उस मरीज के साथ कोई परिजन नहीं था। ऐसे में मरीज बार-बार छटपटा रहा था। लेकिन अस्पताल में तैनात कर्मियों ने नियमित देखभाल करने के बजाय उसके दोनों हाथ को बेड में बांध देना ही मुनासिब समझा। जिस बैंडेज से मरीजों के घाव पर पट्टी लगाई जाती है, उसी बैंडेज पट्टी से मरीज के साथ बेड में बांध दिए गए। 

उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रही है। बता दे कि एक तरफ सासाराम के सदर अस्पताल में पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया हैं। लेकिन जब ये तस्वीर सामने आई तो माजरा समझ में आया कि आखिर पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगाने का कारण क्या ऐसे ही लापरवाही तो नहीं है। स्वास्थ्य विभाग अपने कमियों को छुपाने के लिए पत्रकारों को समाचार संकलन से रोक रहा है। 

बता दें कि दो दिन पूर्व सासाराम के सदर सिविल सर्जन डॉ. केएन तिवारी ने सदर अस्पताल के अंदर पत्रकारों के समाचार संकलन पर रोक लगा देने संबंधी नोटिस जारी किया है। उसके बाद यह तस्वीर भी सामने आई हैं; जो कहीं ना कहीं व्यवस्था के सवाल खड़े करती है। देखना है की इस आमानवीय पूर्व कृत्य को लेकर विभाग की क्या प्रतिक्रिया होती है? फिलहाल कोई भी अधिकारी या डॉक्टर बोलने से बच रहे हैं। फिलहाल नशाखुरानी का शिकार अज्ञात व्यक्ति अभी भी सदर अस्पताल में बेसुध पड़ा हुआ हैं।


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