नालंदा के इस गांव में लोगों ने एक दिन पहले मनायी ईद, जानिए क्या है पूरा मामला

नालंदा के इस गांव में लोगों ने एक दिन पहले मनायी ईद, जानिए क्या है पूरा मामला

NALANDA : जिले के सिलाव प्रखंड के बड़ाकर गांव में सोमवार को ईद का पर्व मनाया गया। सुबह लोगों ने मस्जिद में ईद की नमाज अदा कर एक दूसरे के गला लगकर ईद की बधाई दी। यहां के लोग सऊदी अरब के तर्ज पर रोजा रखते हैं और सऊदी अरब के हिसाब से ही ईद मनाते हैं। यह परंपरा यहां सदियों से चली आ रही है। 

यही कारण है कि इस बार भी यहां के लोगों ने भारत के हिसाब से एक दिन पहले ईद की नमाज अदा कर पर्व की खुशियाँ मनाई। इस मौके पर मो अली अहमद ने बताया की यहां के ज्यादातर लोग एक दिन पहले से रोजा रखते है यही कारण है की एक दिन पूर्व ईद मनाया जाता है। बताते चले की बड़ाकर गॉव के अधिकांश लोग सऊदी अरब में रहते है। यही कारण है की यहाँ के लोगों के बीच एक दिन पूर्व ईद मनाया जाता है।

बताते चलें की बांग्लादेश में इस्लामिक फाउंडेशन की मून साइटिंग कमिटी ये तय करती है कि मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार ईद-उल-फितर किस दिन मनाया जाए। आमतौर पर ये कमिटी रमज़ान के 29वें दिन दोपहर में बैठक कर ईद-उल-फितर के दिन को तय करती है। अगर रमज़ान के 29वें दिन देश में कहीं भी चांद दिखता है तो फाउंडेशन उसके अगले दिन ईद का एलान करता है और अगर ऐसा नहीं होता है तो रमज़ान के पूरे तीस दिन पूरे होने के बाद ईद मनाई जाती है। आमतौर पर सऊदी अरब में ईद के एक दिन बाद बांग्लादेश में ईद मनाई जाती है। कुछ जगहों पर सऊदी अरब के साथ ही ईद मना लिया जाता है। 


नालंदा से राज की रिपोर्ट 


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