IRCTC घोटाले में तेजस्वी यादव को बड़ा झटका, आग्रह को कोर्ट ने ठुकराया

IRCTC घोटाले में तेजस्वी यादव को बड़ा झटका, आग्रह को कोर्ट ने ठुकराया

NEW DELHI : आईआरसीटीसी घोटाला मामले में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने तेजस्वी यादव की अर्जी पर फैसला सुना दिया है।  IRCTC केस में तेजस्वी यादव को झटका देते हुए कोर्ट ने उनके आग्रह को ठुकरा दिया है. अब मामले में CBI और ED के केस का अलग अलग ट्रायल होगा मामले में 31 जुलाई को फिर होगी सुनवाई


बता दें कि बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और लालू यादव के बड़े बेटे तेजस्वी यादव की तरफ से अर्जी लगाकर ईडी के मामले चल रहे ट्रायल पर रोक लगाने की मांग की गई है।  9 जुलाई को ही तेजस्वी की अर्जी पर सुनवाई हुई थी, तब पटियाला हाउस कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट इसके फैसले के लिए 23 जुलाईकी तारीख मुकर्रर की थी। 

आपको बता दें कि आईआरसीटीसी होटल आवंटन मामले में सीबीआई के बाद ईडी ने पटियाला हाउस कोर्ट में लालू एंड फैमली के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट में ईडी ने कई अहम सबूत की बात कही थी. चार्जशीट में ईडी ने लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव, पूर्व मंत्री प्रेमचंद्र गुप्ता, उनकी पत्नी सरला गुप्ता और तत्कालीन एमडी बीके अग्रवाल के अलावा अन्य लोगों को आरोपी बनाया था.

क्या है पूरा मामला
 यह मामला इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आईआरसीटीसी) द्वारा रांची और पुरी में चलाए जाने वाले दो होटलों की देखरेख का काम सुजाता होटल्स नाम की कंपनी को देने से जुड़ा है. विनय और विजय कोचर इस कंपनी के मालिक हैं. इसके बदले में कथित तौर पर लालू को पटना में बेनामी संपत्ति के रूप में तीन एकड़ जमीन मिली. एफआईआर में कहा गया था कि लालू ने निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया. इसके बदले में उन्हें एक बेनामी कंपनी डिलाइट मार्केटिंग की ओर से बेशकीमती जमीन मिली. सुजाता होटल को ठेका मिलने के बाद 2010 और 2014 के बीच डिलाइट मार्केटिंग कंपनी का मालिकाना हक सरला गुप्ता से राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के पास आ गया. हालांकि इस दौरान लालू रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे चुके थे.

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