लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया को छोटा करना आसान नहीं, ईवीएम के इस्तेमाल पर भी सीईसी ने किया साफ - यह क्यों जरुरी

PATNA : लोकसभा चुनाव को लेकर दो दिवसीय दौरे पर आए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने तैयारियों को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया इस बार के चुनाव में ट्रांसपेरेंसी नजर आए, इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि बिहार के ग्रामीण इलाकों के बुथों पर वेब कास्टिंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी पर नजर रखी जा सके।
मीडिया को संबोधित करते हुए राजीव कुमार ने बताया कि कुछ राजनीतिक दलों ने चुनाव की अवधि छोटा रखने की मांग की थी। जिस पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इतने बड़े देश में चुनाव प्रक्रिया को छोटा रख पाना इतना आसान नहीं होता है। वहां सारी व्यवस्था करना पड़ता है।
ईवीएम के इस्तेमाल पर बोले
सीईसी ने ईवीएम की इस्तेमाल को जायज ठहराते हुए कहा कि इस साल 70 देशों में चुनाव होने हैं। कुछ जगहों पर चुनाव हुए हैं, वहां क्या स्थिति रही है, इससे सभी वाकिफ हैं। इसलिए ईवीएम के प्रयोग करने के कुछ एटवांटेज हैं। इस दौरान उन्होंने चंडीगढ़ मेयर चुनाव का खास तौर पर जिक्र किया। जहां बैलेट पेपर से वोटिंग के कारण कारण गड़बड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कमीशन यह सुनिश्चित करता है कि चुनाव में पारदर्शिता बनी रहे।
सी-विजन का किया जिक्र
मुख्य चुनाव आयुक्त ने आम लोगों के लिए शुरू किए गए सी-विजन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आयोग के एप्प के जरिए अपने एरिया में होनेवाली किसी प्रकार की गड़बड़ी, पैसों के लेनदेन की जानकारी दे सकते हैं। जिसके बाद 100 मिनट के अंदर उस इलाके में चुनाव से जुड़ा जो भी अधिकारी मौजूद होगा, वहां कार्रवाई करने के लिए पहुंचेगा। वहां क्या कार्रवाई की गई, इसकी पूरी जानकारी भी दी जाएगी।
वृद्धों और निःशक्तों के घर पर वोटिंग
सीईसी ने बताया कि 2020 के बिहार चुनाव से निःशक्तों के घर जाकर वोट लेने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जो अब पूरे देश में लागू है। इस साल लोकसभा चुनाव में भी यह व्यवस्था रहेगी। 40 फीसदी से ज्यादा निःशक्त लोगों के घर जाकर वोट लिया जाएगा। हालांकि वोटिंग से पांच दिन पहले इसके लिए जरुरी जानकारी देनी होगी। उसी तरह वृद्धों के लिए घर पर वोट लेने की व्यवस्था की जा रही है।