तीन धर्मों के लिए पवित्र मंदार पर्वत पर जाना होगा आसान, 800 मीटर ऊंचे पहाड़ पर आज से रोपवे से चढ़ाई के साथ प्रकृति की खूबसूरती का लेंगे मजा

तीन धर्मों के लिए पवित्र मंदार पर्वत पर जाना होगा आसान, 800 मीटर ऊंचे पहाड़ पर आज से रोपवे से चढ़ाई के साथ प्रकृति की खूबसूरती का लेंगे मजा

PATNA/BANKA : बिहार में राजगीर  के बाद अब बांका में भी लोगों को रोपवे की सुविधा मिलने जा रही है। सीएम नीतीश कुमार आज बांका के मंदार पर्वत पर रोपवे का उद्घाटन करेंगे। बिहार में यह दूसरा रोपवे होगा। इसके साथ ही तीन धर्मों की संगम स्थली मंदार के विकास में चार चांद लग जाएगा। वहीं यहां आने वाले हर धर्म के सैलानियों को पर्वत पर चढ़ाई में विशेष सुविधा मिलेगी। 

सात साल से चल रहा था निर्माण

मंदार पहाड़ पर निर्मित रोपवे का कार्य विगत सात सालों से किया जा रहा था। योजना का शिलान्यास 20 जनवरी 2014 को बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने किया था। लंबी अवधि के बाद नवंबर 2017 में निर्माण कार्य आरंभ हुआ था। कार्य योजना ससमय पूरा हो जाता तो 2019 में पूर्व बिहार के लोगों को रोपवे का आनंद मिलता। लेकिन इसमें दो साल की देरी हो गई और इसकी जगह राजगीर में नए आधुनिक रोपवे की शुरुआत हो गई।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

करीब 7 करोड़ की लागत से बन रहे प्रोजेक्ट को राइट्स की सहयोगी कोलकाता की एक कंपनी रोपवे एंड रिसोर्ट कर रही थी। अब इसके निर्माण के बाद मंदार में रोपवे का उद्घाटन सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे। रोपवे चालू हो जाने से जहां मंदार में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा वहीं इस क्षेत्र के दर्जनों लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

तीन धर्मों की संगम स्थली होने के कारण खास है मंदार पर्वत की महता

मंदार पर्वत पर सनातन हिंदू, जैन संप्रदाय और सफा धर्म के मानने वाले श्रद्धालुओं की संगम स्थली है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी मंदार पर्वत से देवासुर संग्राम के वक्त समुंद्र का मंथन किया गया था। वहीं मंदार जैन संप्रदाय के लोगों का भी प्रमुख तीर्थ स्थल है। यहां भगवान वासुपूज्य का निर्वाण स्थल माना जाता है। यहां सैलानी पवित्र भगवान नरसिंह गुफा, सीता कुंड, शंख कुंड, काशी विश्वनाथ एवं पर्वत शिखर पर भगवान वासुपूज्य मंदिरों में दर्शन पूजन करते हैं।

मंदार पर्वत और रोपवे की यह है विशेषता

800 मीटर है मंदार पर्वत की ऊंचाई

8 मिनट की चढ़ाई के बाद पहुंच पाएंगे रोपवे तक

यहां 8 केबिन में 4 सीताकुंड में 2 शिखर पर, दो तराइ में होगी

90 पोल रोपवे के विद्यतीकरण के लिए लगाए गए हैं

77 लाख रुपए के विद्युतीकरण पर किए गए हैं खर्च

9 करोड़ 18 लाख है पूरे प्रोजेक्ट की लागत

7 सौ 77 मीटर है मंदार पर्वत का रोपवे से ट्रेवल लेंथ

7 सौ 23 मीटर है मंदार पर्वत का हॉरिजेंटल लेंथ 

एक बार में 500 किलो का वजन थामने की केबिन की है क्षमता



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