जेपी नड्डा का तेजस्वी यादव ने उड़ाया मजाक, बोले- 24 सालों से उधार के चेहरे पर निर्भर, पहले बिहार बीजेपी को बनाईए आत्मनिर्भर

जेपी नड्डा का तेजस्वी यादव ने उड़ाया मजाक, बोले- 24 सालों से उधार के चेहरे पर निर्भर, पहले बिहार बीजेपी को बनाईए आत्मनिर्भर

पटना : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आत्मनिर्भर बिहार कार्यक्रम की शुरुआत की है. जिसको लेकर आत्मनिर्भर बिहार 2020 पोर्टल लांच किया गया है. वहीं तेजस्वी यादव ने जेपी नड्डा के इस कार्यक्रम पर तंज कसा है. तेजस्वी यादव ने कहा है कि बीजेपी ने आत्मनिर्भर बिहार के बारे में बात की है. कितना हास्यास्पद बयान और कैम्पेन है. मैं उनको ये सलाह देना चाहूंगा कि बिहार में बीजेपी तो पहले आत्मनिर्भर हो जाए. 24 साल से उधार के चेहरे पर निर्भर है. 

आगे तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में 15 वर्ष शासन करने के बाद इन लोगों को दिव्य ज्ञान प्राप्त हुआ है कि बिहार को आत्मनिर्भर बनाना है. 15 वर्ष तक इनको किसने रोका हुआ था ?.  ऊपर से नीचे दिल्ली से पटना तक इनकी सरकार है तो अब तक क्यों नहीं आत्मनिर्भर बन पाया ?. पहले पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय यूनिवर्सिटी का दर्जा देकर आत्मनिर्भर बना दीजिए. जैसे विगत 2014 में इन्होंने कहा था, हमारी सरकार आने पर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देंगे, ऐसे ही ये बिहार की आत्मनिर्भर बनाएंगे.


गौरतलब है कि बिहार बीजेपी कार्यालय में  बीजेपी चीफ जेपी नड्डा ने आत्मनिर्भर बिहार कार्यक्रम को संबोधित किया और आत्मनिर्भर बिहार 2020 पोर्टल को लांच किया अपने संबोधन में जेपी नड्डा ने कहा कि बिहार में नीतीश के नेतृत्व में बिहार में एक बार फिर से एनडीए की सरकार बनेगी.  बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने  प्रदेश कार्यालय से आत्मनिर्भर रथ रवाना किया है. नड्डा ने झंडी दिखाकर सभी जिलों के लिए रथ को रवाना किया है. यह रथ जिलों में जाकर आत्मनिर्भर बिहार बनाने का अभियान चलाएगी और फीडबैक लेगी.  

बीजेपी ने दिया नया नारा

बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने नया नारा दिया है. 'जन-जन की पुकार, आत्मनिर्भर बिहार'  के नारे के साथ बीजेपी इस बार चुनावी समर में उतरने जा रही है. इस मौके पर बीजेपी चीफ जेपी नड्डा ने कहा कि आत्मनिर्भर बिहार की यात्रा बिहार को मुख्यधारा में लाकर खड़ा करेगी. उन्होंने कहा कि 2014 के पहले नेताओं का क्या वक्तव्य होता था? हम देखेंगे, हम करेंगे, हम कर नहीं पा रहे है। 2014 के बाद, मोदीजी के बाद राजनीति की संस्कृति यह बदली है कि हम कर सकते है, हम करेंगे .

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