जमुई में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया विकास, 90 दिन के भीतर बेहाल हो गयी मनरेगा से बनी सड़कें

जमुई में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया विकास, 90 दिन के भीतर बेहाल हो गयी मनरेगा से बनी सड़कें

JAMUI : विकास की योजनाओं को एक नया आयाम देकर विकास की गंगा बहाने की दंभ भरने वाली जिला प्रशासन को मुंह चिढ़ाकर किस तरह राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, मनरेगा में विकास के नाम पर लूट मची है. इसका जीता-जागता उदाहरण है जमुई प्रखंड का थेगुआ पंचायत. यह हाल सिर्फ थेगुआ पंचायत का नहीं बल्कि कमोवेश जिला के सभी दस प्रखंडों का है. जहां मनरेगा की राशि का बंदरबांट किया जा रहा है. लेकिन इतना कुछ होते हुए भी जिला प्रशासन के अधिकारियों की नींद नहीं खुलती. जब इस संवाददाता ने जमुई प्रखंड के एक पंचायत थेगुआ का हाल जानने की कोशिश की तो विकास की योजनाओं में मची लूट का हाल जानकर पैर के तले की जमीन ही खिसक ही गई.  

थेगुआ पंचायत में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, मनरेगा के तहत जिन सड़कों का निर्माण 9 लाख 99 हजार 822 रुपये की राशि से कराया गया. उन सड़कों में बिना वाहन के चले महज कुछ ही महीनों में इस तरह की दरार आयी जो प्रशासन के सारे दावों की पोल खोलकर रख दी. गुणवत्ता के नाम पर प्रखंड के अधिकारियों के साथ जमकर लूट की गई और विकास भ्रष्टाचार की बलि चढ़ गया. सबसे चौंकाने वाली बात ये कि ग्रामीणों द्वारा लगातार की जा रही शिकायतों के बावजूद भी ने तो प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारी की नींद खुली और न ही जिला के आलाधिकारियों की. पंचायत के मुखिया सभी पांच योजनाओं में गुणवत्ता का ख्याल न रखते हुए आनन-फानन में योजना को पूर्ण दिखा दिया. 

थेगुआ पंचायत में मुखिया शैलेन्द्र कुमार ने मनरेगा के तहत रघुवीर प्रसाद सिंह के खेत से सुभाष मंडल के खेत तक, पंपाली यादव के खेत से ब्रह्मदेव यादव के खेत तक, हरिनारायणपुर अस्पताल से संजय शर्मा के घर तक, चौरा मगही रोड से संजय मंडल के खेत तक और चौरा के संजीव मंडल के खेत से विमल मंडल के खेत तक 9 लाख 99 हजार 822 रुपये की राशि से प्रति सड़क का निर्माण कार्य कार्य कराया. लेकिन इन सभी सड़कों का हाल मात्र 90 दिनों के अंदर बेहाल हो गया. मामला ये है कि पांच योजनाओं में करीब पचास लाख की राशि का बंदरबांट विकास के नाम पर हुआ. पंचायत के पूर्व मुखिया मंटू पाठक और पूर्व प्रत्याशी संतोष मंडल का कहना है कि पंचायत के मुखिया शैलेन्द्र कुमार उर्फ पिंटू मंडल की दबंगई और राजनीतिक गठजोड के कारण विकास की योजनाओं में उनके द्वारा की जा रही लूट पर पर्दा जिला प्रशासन द्वारा डाला जाता रहा है. थेगुआ पंचायत में मनरेगा योजनाओं में मची लूट को लेकर जब इस संवाददाता ने जमुई प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारी स्मृति पुष्प से जानकारी ली तो उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं में कार्य को गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए प्राक्कलन के अनुसार के अनुसार किया गया. मिट्टी धंस जाने के कारण सड़कों में दरार आयी है.

इस संबंध में जमुई के उप विकास आयुक्त आरिफ अहसन ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है. मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच की जाएगी और जो भी अधिकारी या अभियंता इस मामले में दोषी पाए जाएंगे. उन पर कड़ी कार्रवाई की जएगी. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अब मनरेगा द्वारा किए जा रहे कार्यों पर विशेष निगरानी रखेगी ताकि विकास की योजनाओं में लूट-खसोट न हो सके. 

जमुई से राकेश की रिपोर्ट


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