जदयू विधायक ने छोड़ा नीतीश का साथ, भाजपा में हुए शामिल, बिहार में महागठबंधन सरकार बनते ही लगा झटका

जदयू विधायक ने छोड़ा नीतीश का साथ, भाजपा में हुए शामिल, बिहार में महागठबंधन सरकार बनते ही लगा झटका

पटना. जदयू को बड़ा झटका देते हुए भाजपा ने उसके एक विधायक को तोड़ने में सफलता पाई है. बिहार में जिस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट में व्यस्त थे उसी दौरान अरुणाचल प्रदेश में भाजपा ने जदयू को झटका दिया है. अरुणाचल प्रदेश में जदयू के एक मात्र विधायक तेकी कासो को तोड़ने में भाजपा सफल रही है. तेकी कासो ने नीतीश को दगा देते हुए अब भाजपा का दामन थाम लिया है. इस तरह जदयू को अरुणाचल प्रदेश में संगठन विस्तार करने के सपने को भाजपा ने बड़ा झटका दिया है. 

दरअसल अरुणाचल प्रदेश में भाजपा ही सत्तारूढ़ है. वहां वर्ष 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में जदयू ने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 7 सीटों पर सफलता पाई थी. इस तरह राज्य में भाजपा के बाद जदयू सबसे बड़ी पार्टी हो गई थी. लेकिन 25 दिसंबर, 2020 को नीतीश की जदयू के छह विधायक भाजपा में शामिल हो गए. उसके बाद उसके एक मात्र विधायक के तेकी कासो ही बचे थे. अब भाजपा ने उन्हें भी अपने पाले में करने में सफलता हासिल कर ली है. 

अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष टेसम पोंगटे ने ईटानगर विधायक तेकी कासो के भाजपा में विलय को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही 60 सदस्यीय सदन में भाजपा की ताकत अब 49 विधायकों वाली हो गई है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जद (यू) ने 2019 के विधानसभा चुनावों में लड़ी गई 15 सीटों में से सात पर जीत हासिल की थी, और भाजपा के बाद राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, जिसने 41 सीटें जीती थीं. हाल ही जब 9 अगस्त को नीतीश ने एनडीए से अलग होकर महागठबंधन के साथ बिहार में सरकार बनाई तब भी जदयू के अध्यक्ष ललन सिंह ने अरुणाचल प्रदेश में जदयू को तोड़ने का भाजपा पर आरोप लगाया था. 


ललन सिंह ने कहा था कि भाजपा गठबंधन धर्म पालन नहीं करती है. वह जदयू के ही विधायकों को अरुणाचल में तोड़ चुकी है. इसी तरह 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू को हराने के लिए चिराग मॉडल को तैयार करना भाजपा की ही रणनीति थी. अब ललन सिंह के उन्हीं आरोपों के बीच एक बार फिर से भाजपा ने अरुणाचल में जदयू को झटका दिया और एकमात्र जदयू विधायक तेकी कासो को तोड़ने में सफलता पा ली. 

जहाँ बिहार में नीतीश ने भाजपा को झटका दिया है तो वहीं कासो को भाजपा में शामिल कर एक प्रकार से अरुणाचल में जदयू का सूपड़ा साफ करने में भाजपा सफल रही है. माना जा रहा है कि बिहार में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद ही भाजपा ने अरुणाचल में नीतीश की पार्टी के विधायक को भाजपा में शामिल कर उन्हें बड़ा झटका दिया है. 


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