JDU POLITICS: मुख्यमंत्री के साथ अपने रिश्ते को लेकर मुखर हुए आरसीपी सिंह, कहा- ‘वर्षों पुराना संबंध आगे भी जारी रहेगा’

JDU POLITICS: मुख्यमंत्री के साथ अपने रिश्ते को लेकर मुखर हुए आरसीपी सिंह, कहा- ‘वर्षों पुराना संबंध आगे भी जारी रहेगा’

DELHI: जदयू की प्रदेश कार्यकारिणी के बैठक जारी है। इस बैठक में जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह सहित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वर्चुअली शामिल हुए हैं। वहीं पार्टी के तमाम बड़े नेता सहित वशिष्ठ नारायण सिंह और उपेंद्र कुशवाहा एक्चुअली शामिल हो रहे हैं। बीते कई दिनों से जदयू के अंदरखाने से खबर आ रही थी कि पार्टी में सब कुछ सही नहीं चल रहा है। कहा गया कि उपेंद्र कुशवाहा को तवज्जो दिए जाने से राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह नाराज चल रहे हैं। वही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनके रिश्ते की तल्खी की खबरें भी छनकर बाहर आ रही थी। इन सबके बीच रविवार को पार्टी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह शामिल हुए और इस मुद्दे पर मुखर होकर अपनी बात रखीं।

जदयू की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने पार्टी से जुड़े मुद्दों पर व्यापक रूप से चर्चा की। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद यह पहली बार है जब वह पार्टी के किसी कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। हालांकि यहां वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हैसियत से जुड़े और जरूरी मुद्दों पर विचार ऱखे। इनसब के अलावा आरसीपी सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने रिश्ते को लेकर भी कई बातें साफ की। बैठक में आरसीपी सिंह ने मुख्यमंत्री को ‘नेता’ कहकर संबोधित किया और कहा कि ‘नेता से उनका वर्षों का साथ और संबंध है, जो आगे भी बदस्तूर जारी रहेगा। हमारे (नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह) संबंध का कोई पैमाना नहीं। वह हमारे नेता हैं। मैं वर्षों से उनके साथ काम करता आ रहा हूं। यह सिलसिला आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। इसके बाद केंद्रीय मंत्री होने के नाते उन्होनें साफ किया कि यदि संसद चलेगा तो शनिवार -रविवार को संगठन के लिए काम होगा। संगठन को महत्वपूर्ण बताते हुए वह बोले कि संगठन है तभी पार्टी है, तभी मैं मंत्री और नेता मुख्यमंत्री हैं’।

दरअसल कहा जा रहा है कि आरसीपी सिंह की तल्खी उपेंद्र कुशवाहा की वजह से है। रालोसपा के जदयू में विलय के कार्यक्रम में आरसीपी सिंह शामिल नहीं हुए थे, जिसके बाद ही तल्खी की खबरें सामने आने लगी थी। इसके अलावा जदयू की बैठक को लेकर प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के दो पत्रों से विवाद उत्पन्न हुआ। पहले पत्र में प्रदेश अध्यक्ष ने आरसीपी सिंह के मीटिंग में वर्चुअली जुड़ने की जानकारी दी गई थी। वहीं दूसरे पत्र में उनका नाम नहीं था। इसके बाद पार्टी नेताओं के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि उपेन्द्र कुशवाहा के मीटिंग शामिल होने के निर्णय से आरसीपी सिंह नाराज हैं और बैठक से नहीं जुड़ेंगे। इन सब के अलावा आरसीपी सिंह को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलने के बाद से ही जदयू के अंदरखाने में खटपट जारी है, जिसपर विपक्ष के नेता सहित मंत्री टिप्पणी भी कर चुके हैं।

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