जदयू कार्यकर्ताओं ने साहित्यकार डीपी सिन्हा का किया पुतला दहन, सभी सम्मान वापस लेने की मांग

जदयू कार्यकर्ताओं ने साहित्यकार डीपी सिन्हा का किया पुतला दहन, सभी सम्मान वापस लेने की मांग

VAISHALI : हाजीपुर के गांधी चौक पर जदयू कार्यकर्ताओं ने पदम श्री से सम्मानित साहित्यकार दया प्रकाश सिन्हा का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया है। इस दौरान जदयू नेताओं ने सरकार से दया प्रकाश सिन्हा को दिए गए पद्मश्री सम्मान सहित अन्य पुरस्कारों को वापस करने की मांग भी की है। बताया गया कि गांधी चौक पर जमा हुए जदयू के नेता और कार्यकर्ताओं ने पहले साहित्यकार दया प्रसाद सिन्हा के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद उनका पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। 

इस मौके पर मौजूद जदयू नेता कमल प्रसाद सिंह ने बताया कि दया प्रकाश सिन्हा ने चक्रवर्ती सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से की है। जो उनका घोर अपमान है। अशोक सम्राट ने पूरे देश का ख्याल रखा था। इसके बावजूद उनको औरंगजेब से जोड़ा गया है। ऐसे में मैं मांग करता हूं कि भारत सरकार से जितने भी पुरस्कार दया प्रकाश सिन्हा को मिला है। सभी को वापस किया जाए। बताते चलें कि दया प्रकाश सिन्हा एक रिटायर आईएएस ऑफिसर है। साथ ही लेखक और नाटककार भी है। यह कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के चलते भारत सरकार ने 2020 में पद्मश्री से नवाजा था। हाल ही में उन्हें अपने नाटक सम्राट अशोक के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार भी दिया गया था। 

दरअसल यह विवाद प्रकाश सिन्हा के एक इंटरव्यू के दौरान दिए गए बयान के कारण उत्पन्न हुआ है। इसमें सिन्हा ने अशोक सम्राट की तुलना औरंगजेब से की थी। उन्होंने कहा था कि जब यह सम्राट अशोक नाटक लिख रहे थे। तब गहरे गहने रिसर्च किए। इसके बाद उन्हें आश्चर्य हुआ कि अशोक सम्राट और मुगल बादशाह औरंगजेब के चरित्र में बहुत समानता नजर आई। दोनों ने अपने शुरुआती दिनों में काफी पाप किए। फिर उन्हें छुपाने के लिए अतिधार्मिकता का सहारा लिया। ताकि उनके पाप पर किसी का ध्यान न जाए। दोनों ने अपने भाइयों की हत्या की थी और अपने पिता को जेल में डाला था। पूर्व में दिए गए दया प्रकाश सिन्हा के इसी बयान के कारण राजनीतिक विवाद छिड़ा हुआ है। जिसके विरोध में हाजीपुर में जदयू कार्यकर्ताओं ने सिन्हा का पुतला दहन किया। 

वैशाली से राजकुमार की रिपोर्ट 

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