कभी देश की दूसरी सबसे बड़ी विमान कंपनी रही जेट एयरवेज पर लगा ताला, 20 हजार से अधिक कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटका

कभी देश की दूसरी सबसे बड़ी विमान कंपनी रही जेट एयरवेज पर लगा ताला, 20 हजार से अधिक कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटका

N4N DESK : लंबे वक्त से आर्थिक संकट से जूझ रही एयरलाइंस कंपनी जेट एयरवेज संकट ने नहीं उबर पाई. आखिरकार कंपनी में ताला लग ही गया. बैंकों ने जेट एयरवेज को 400 करोड़ रुपए की इमरजेंसी फंड देने से इंकार कर दिया, जिसके बाद कंपनी ने सभी उड़ानें बंद करने का ऐलान कर दिया.

खबर के मुताबिक जेट एयरवेज बुधवार रात से अस्थायी रूप से अपनी सभी घरेलु और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया है. इसकी जानकारी जेट एयरवेज ने ट्वीट कर दी. जेट एयरवेज की आखिरी उड़ान बुधवार मध्यरात्रि को अमृतसर से नई दिल्ली के लिये भरी गई. आपको बता दें कि इस एयरलाइन के बंद होने से करीब 20 हजार से अधिक कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है.

करीब 8 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी प्राइवेट सेक्‍टर की एयरलाइन जेट एयरवेज की कंपनी ने जनवरी से न तो पायलटों और कर्मचारियों को सैलरी दे पाई है और न ही तेल कंपनियों का बकाया चुका पाई है. इतना ही नहीं कंपनी विमानों का किराया चुकाने में विफल रही है. कभी देश की दूसरी सबसे बड़ी विमान कंपनी अब एक भी विमानों का परिचालन करने में असमर्थ हो गया है.

Find Us on Facebook

Trending News