PATNA के बड़े प्राइवेट अस्पताल के दो डायरेक्टरों को किया किडनैप, पुलिस कुछ घंटे में छुड़ाने में हुई कामयाब

PATNA के बड़े प्राइवेट अस्पताल के दो डायरेक्टरों को किया किडनैप, पुलिस कुछ घंटे में छुड़ाने में हुई कामयाब

PATNA : पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र के 90 फीट इलाके में स्थित मेडिविजन हॉस्पिटल से मंगलवार की देर रात दो निदेशकों का अपहरण कर लिया गया था, जिसे पटना पुलिस की टीम ने सारण जिले के डेरनी थानांतर्गत एक गैराज से रिहा करा लिया है। मामले में एक महिला समेत तीन अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई है. उन्हें पटना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। अपहृत के परिवार से दस लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। 

किडनैपिंग की इस वारदात को 90 फीट इलाके में स्थित मेडिविजन अस्पताल में अंजाम दिया गया। यहां से अस्पताल के दो निदेशकों का अपहरण गन पॉइंट पर कर लिया गया था. घटना की खबर मिलते ही पटना पुलिस एक्शन मोड में आ गई. हालांकि, बेगूसराय शूटआउट की घटना को लेकर पहले ही चौकन्नी पुलिस की टीम ने सारण जिले के डेरनी थाना क्षेत्र के एक गैरेज से दोनों को रिहा करा लिया।

मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में महिला समेत तीन अपहरणकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इसमें पेशेवर अपराधी संदीप ओझा का नाम भी शामिल है. संदीप के बारे में जो जानकारी मिली है इसके अनुसार वह हाल में जेल से छूटा था। महिला के पास से साढ़े चार लाख रुपये भी बरामद किए गए। सारण के एएसपी अंजनी कुमार ने बताया कि पटना पुलिस की सूचना के दो घंटे के भीतर अपहृत युवकों को मुक्त करा लिया गया। उन्हें पटना पुलिस के हवाले कर दिया गया है. अपहृत हॉस्पिटल संचालक के परिवार से दस लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी।

परिजनों से मांगी रंगदारी
मिली जानकारी के अनुसार सारण पहुंचने तक अपहरणकर्ताओं ने लगभग 10 बार रवि रंजन और सुभाष के घरवालों को कॉल किए. इधर, घटना के तुरंत बाद अस्पताल कर्मियों ने कंकड़बाग थाने को सूचना दी. पुलिस ने तुरंत मोबाइल की लोकेशन ली और उसके आधार पर परसा, गरखा और डेरनी में टीम बनाकर छापेमारी शुरू कर दी गई.

कॉल लोकेशन से पता लगाया
बताया जाता है कि पुलिस जैसे ही टावर लोकेशन के आधार पर मोटर गैरेज में पहुंची कि उनकी नजर बाहर खड़ी गाड़ी पर पड़ी. दो अपहरणकर्ता साक्ष्य मिटाने के लिए गाड़ी को अंदर से साफ कर रहे थे. उनकी निशानदेही पर गैराज के अंदर एक कमरे से रवि रंजन और सुभाष को मुक्त कराया गया. वहां से एक महिला की भी गिरफ्तारी हुई, जिसके हाथ में नकदी भरा झोला था.

 पुलिस ने किया अहम खुलासा
सारण पुलिस ने बताया कि कुछ महीने पहले छपरा में एक एंबुलेंस मालिक सह चालक की हत्या कर दी गई थी. इसमें विनोद और रितिक का नाम भी प्रमुख तौर पर सामने आया था. ये दोनों मेडिविजन अस्पताल से जुड़े हैं. उस समय रुपयों के लेन-देन में विवाद के बाद हत्या कर दिए जाने जाने की बात सामने आई थी. इस संबंध में पटना पुलिस को जानकारी दी गई है

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