किसान आंदोलन : सिंधु बॉर्डर के रेड लाइट सिगन्ल बैठे किसानों पर महामारी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज

किसान आंदोलन : सिंधु बॉर्डर के रेड लाइट सिगन्ल बैठे किसानों पर महामारी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज

डेस्क.... लगभग 15 दिन से अधिक का समय गुजर चुका है और 6 दौर की बातचीत भी विफल हो गई। इसके बावजूद किसानों का आंदोलन जारी है। किसान  कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर सरकार के खिलाफ आर-पार की मूड में हैं। इस दौरान सरकार ने अपने पावर का इस्तेमाल भी धीरे-धीरे करना शुरू कर दिया है। सिंधु बॉर्डर के रेड लाइट पर धरने पर बैठे किसानों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। महामारी एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 

बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन 15 दिनों से जारी है। किसानों की मांग है कि सरकार कृषि कानूनों को वापस ले। वहीं, सरकार संशोधन के लिए तैयार है। सरकार का साफ कहना है कि वो तीनों कानूनों को वापस नहीं लेगी। किसान संगठनों ने तो यहां तक कह दिया है कि सरकार से अब कोई बातचीत नहीं होगी, क्योंकि इतने दिनों से सिर्फ चर्चा ही हो रही है। सरकार हमारी मांगों पर अब फैसला ले।


अपनी-अपनी जिद पर अड़े सरकार और किसान 

केंद्र सरकार की ओर से गुरुवार को भी किसानों की समझाने की कोशिश की गई। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को समझाया कि जो कानून बने हैं वो उनके हक में हैं और अगर कोई समस्या है तो सरकार उस पर विचार के लिए तैयार है। कृषि मंत्री ने किसानों से प्रस्तावों पर फिर से विचार करने की अपील की।

कृषि मंत्री की अपील पर किसान नेताओं ने कहा कि पहले भी बहुत बार बात हो चुकी है। कानून रद्द करने से कम पर समझौते का सवाल नहीं है। किसानों की ओर से कहा गया कि सरकार बार-बार जोर देकर कहती है कि ये कानून किसानों के लिए लाभदायक हैं, लेकिन सरकार कानूनों के विरोध के सवालों पर उत्तर देने से साफ बच रही है।

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