केके पाठक की बैठक में नहीं आए एक भी कुलपति, , एक कुलसचिव को छोड़ कर सभी रहे नदारद

केके पाठक की बैठक में नहीं आए एक भी कुलपति,  , एक कुलसचिव को

PATNA: पटना से बड़ी खबर सामने आ रही है.शिक्षा विभाग की बैठक में किसी भी विश्वविद्यालय के कुलपति शामिल नहीं हुए. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई थी. शिक्षा विभाग ने कड़ी चिठ्ठी लिख कर कुलपतियों को बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया था .विभाग ने बैठक में शामिल नहीं होने वाले कुलपतियों के खिलाफ एक्शन की बात कही थी .इसके बावजूद बैठक में वे शामिल नहीं हुए. विश्वविद्यालय की लंबित परीक्षा की समीक्षा को लेकर या बैठक बुलाई गई थी. हालाकि गवर्नर की रोक के बाद भी शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव और अन्य पदाधिकारियों की बैठक बुलाई.

 बता दें कि, राजभवन ने कुलपतियों को शिक्षा विभाग की बैठक में जाने की अनुमति नहीं दी थी. इसके बावजूद के के पाठक ने आज यह बैठक बुलाई है. इस बैठक की अध्यक्षता के.के पाठक करने वाले थे. लेकिन बिहार के किसी भी विश्वविद्यालय के कुलपति,कुलसचिव और अन्य पदाधिकारियों ने केके पाठक की बैठक में शिरकत नहीं किया है. इस बैठक में सिर्फ एक विश्वविद्यालय के कुलसचिव आए हैं. अन्यथा किसी भी विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव बैठक में नहीं आए

दरअसल, बिहार शिक्षा विभाग और राजभवन में टकरारा बढ़ती जा रही है. वीसी समेत सभी यूनिवर्सिटी पदाधिकारियों की बैठक पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर आमने सामने हैं. शिक्षा विभाग ने बुधवार को  फिर से राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव एवं अन्य पदाधिकारियों की बैठक बुलाई .इस बैठक में समय पर परीक्षा आयोजित किए जाने के एजेंडे पर चर्चा की जानी थी.  राजभवन की ओर से कुलपतियों को इस बैठक में जाने से रोक दिया गया.  इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से इस बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए गए थे. हालाकि विधानसभा में शिक्षामंत्री ने भी बैठक स्थगीत होने की बता कही थी इसके बावजूद मीटिंग बुलाई गई.

बैठक को लेकर सियासत गरमाई हुई है, राजभवन ने यूनिवर्सिटी पदाधिकारियों के इस बैठक में शामिल होने पर रोक लगा रखी है.  कई विश्वविद्यालयों के वीसी एवं कुलसचिवों ने इस बैठक में शामिल होने के लिए राजभवन से अनुमति मांगी थी, जो नहीं मिली.  इसके बाद शिक्षा विभाग ने सख्त लहजे में कहा कि बैठक में शामिल नहीं होने वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. वहीं बीते दिन विधानसभा में शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने भी इस मीटिंग के ना होने की बात कही थी. विश्वविद्यालय के कुलपति,कुलसचिव और अन्य पदाधिकारियों ने शिक्षा विभाग के आदेश को नहीं माना है . उन्होंने कुलाधिपति यानि राज्यपाल के आदेश को सर्वोपरी मानते हुए बैठक में सम्मलित नहीं होना आवश्यक समझा है.