जानिए पागल प्रेमी हत्यारे के बारे में, जिसकी तुलना कोर्ट ने कसाब और निर्मया कांड के आरोपियों से की, सजा सुनाने से पहले पढ़े गए मनुस्मृति के श्लोक

जानिए पागल प्रेमी हत्यारे के बारे में, जिसकी तुलना कोर्ट ने कसाब और निर्मया कांड के आरोपियों से की, सजा सुनाने से पहले पढ़े गए मनुस्मृति के श्लोक

DESK : भारत में अदालतें बहुत कम मामले ऐसे  होते हैं, जिन्हे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस के रूप में देखती है। इस साल बीते 12 फरवरी को ऐसी ही एक हत्या की घटना हुई थी गुजरात के सूरत शहर में। जहां एकतरफा प्यार में पागल युवक ने सभी के सामने एक युवती की गला रेतकर हत्या कर दी थी। इस हत्या की घटना ने सभी को झकझोर दिया था। अब चार माह बाद सूरत कोर्ट ने मामले में आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही उसकी तुलना कसाब और निर्भया कांड के आरोपियों से भी की है। 

एकतरफा प्यार की सनक ने बनाया वहशी

मामला गुजरात के सूरत शहर के कामरेज थाना क्षेत्र अंतर्गत पासोदरा इलाके की लक्ष्मीधाम सोसायटी का है. यहां 12 फरवरी 2022 की शाम ग्रीष्मा वेकरिया नाम को छात्रा की उसके सहपाठी फेनिल गोयाणी ने एकतरफा प्रेम में चाकू से सरेआम गला रेतकर हत्या कर दी थी. फेनिल गोयाणी ने ग्रीष्मा वेकरिया का गला रेतने से पहले उसके भाई ध्रुव वेकरिया और उसके चाचा सुभाष वेकरिया पर भी हमला कर घायल कर दिया था। ग्रीष्मा वेकरिया की हत्या और उसके चाचा और भाई पर जानलेवा हमले के आरोपी फेनिल गोयाणी को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था

हर दिन हुई कोर्ट में सुनवाई

ग्रीष्मा वेकरिया हत्याकांड की जांच के लिए सूरत रेंज आईजी राजकुमार पांडियन ने एक SIT का गठन किया था. जिस पर SIT ने ग्रीष्मा मर्डर केस की जांच शुरू की और अलग-अलग टीमें बनाकर अलग-अलग सबूत जुटाने शुरू किए थे. पुलिस ने आरोपी फेनिल गोयाणी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 307 ,354बी, 342, 504 और 506 के तहत केस दर्ज किया था. इन सभी धाराओं के तहत सूरत की कोर्ट ने आरोपी फेनिल गोयाणी को दोषी ठहराया था. सूरत ग्रामीण पुलिस की चार्जशीट एसआईटी ने बहुत जल्द ही सूरत कोर्ट में दाखिल कर दी थी. 28 फरवरी 2022 से इस मामले में हर दिन सूरत की कोर्ट में सुनवाई हो रही थी. 7 अप्रैल 2022 को शिकायत पक्ष और बचाव पक्ष की सभी दलीलें पूरी हो गई थीं.


सजा से पहले पढ़े मनुस्मृति के श्लोक, अर्थ भी बताया

लगभग चार माह बाद कोर्ट ने हत्यारे फेनिल गोयानी को मौत की सजा सुनाई है। फांसी की सजा सुनाने से पहले जज विमल व्यास ने मनुस्मृति के श्लोक का पढ़ा और उसका अर्थ समझाया. जज ने कहा कि सजा देना आसान नहीं है, लेकिन यह रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस है. हैरानी की बात यह है कि कोर्ट में सजा से पहले अदालत में मौजूद फेनिल के चेहरे पर किसी भी तरह का डर या अफसोस नहीं था। उसे अपने किए का तनिक भी पछतावा नहीं था। 

सजा पर परिवार संतुष्ट 

सूरत कोर्ट के मुख्य सरकारी वकील नयन भाई सुखड़वाला ने कहा कि ग्रीष्मा वेकरिया के हत्यारे फेनिल गोयाणी की फांसी की सजा के ऐलान के बाद ग्रीष्मा के भाई ध्रुव वेकरिया और पिता ने अदालती फैसले पर संतोष जताया और कहा कि उनकी बेटी को, बल्कि देश की बेटी को न्याय मिला है. ग्रीष्मा वेकरिया के पिता नंदलाल भाई ने जल्द से जल्द फांसी दिए जाने की मांग की. ग्रीष्मा के भाई ध्रुव वेकरिया ने भी सजा के ऐलान पर संतोष जताया.

कोर्ट में यह पढ़ा गया मनुस्मृति का श्लोक

यत्र श्यामो लोहिताक्षो दण्डश्चरति पापहा ।

प्रजास्तत्र न मुह्यन्ति नेता चेत्साधु पश्यति ॥

यत्र श्यामः लोहिताक्षः दण्डः चरति पापहा ।

प्रजाः तत्र न मुह्यन्ति नेता चेत् साधु पश्यति ।।

भावार्थः जहां श्याम वर्ण एवं लाल नेत्रों वाला और पापों (पापियों) का नाश करने वाला ‘दण्ड’ विचरण करता है और जहां शासन का निर्वाह करने वाला उचित अनुचित का विचार कर दण्ड देता है, वहां प्रजा उद्विग्न या व्याकुल नहीं होती.



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