बेगूसराय गोलीकांड को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने सुशासन पर कसा तंज, कहा बिहार में बहार है, गोलियों की बौछार है

बेगूसराय गोलीकांड को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने सुशासन पर कसा तंज, कहा बिहार में बहार है, गोलियों की बौछार है

PATNA : बेगूसराय में कल हुए गोलीकांड के बाद नीतीश सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है। बीजेपी के कई नेता और केन्द्रीय मंत्री बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे है। इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने ट्विट कर नीतीश सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा की बिहार में बहार है, गोलियों की बौछार है। बहु-बेटियों का हो रहा बलात्कार है, हर तरफ फैला भ्रष्टाचार है। गुंडाराज को कहते जनताराज है, मूकदर्शक बनी निर्लज्ज सरकार है। बिहार बदहाल है, सुशासन का दम्भ भरती सरकार है। मुख्यमंत्री जी पर सत्ता का चढ़ा खुमार है,इसी कारण इनका नाम कुर्सी कुमार है। 

वहीँ आज नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने बेगूसराय जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। वही कहा की 30 से 40 किलोमीटर तक अपराधी फायरिंग करते   हुए चले जा रहे थे और चार थाना एवं पेट्रोलिंग में लगी टीम द्वारा कहीं भी रोक टोक नहीं किया गया। आश्चर्य व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह राज्य में पुलिस व्यवस्था की बदहाल स्थिति को दर्शाता हैI सिन्हा ने कहा कि गृह विभाग की कमान विगत 17 वर्षों से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं संभाल रहे है। लेकिन आज पुलिस प्रशासन जिस कमजोर एवं बदहाल स्थिति में है यह कभी नहीं हुआ है। यह राज्य के लिए शुभ संकेत नहीं है। 

उन्होंने कहा की उनके अदूरदर्शिता का ही परिणाम है कि पुलिस प्रशासन मात्र बालू एवं दारू के उगाही में संलिप्त है। ऊपर से नीचे तक सभी पुलिस पदाधिकारी अपना स्वाभाविक कार्य कानून व्यवस्था ठीक रखना,अपराध नियंत्रण करना आदि  में कोई रुचि नहीं ले रहे है। बिहार पुलिस का मुखिया फोन करने पर फोन नहीं उठाते हैं। खुद को सत्ता द्वारा सुरक्षित समझे जाने के कारण पुलिस महानिदेशक जनप्रतिनिधियों को कुछ नहीं समझते हैं। जिला में पुलिस अधीक्षक को फोन करने पर  कोई इंटररेस्ट नहीं लेते है। आज प्रशासनिक सूझबूझ और क्षमता को दरकिनार  कर अपने चहेते लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर बिठाने नतीजा सामने आ रहा है। पुलिस महानिदेशक का अहम पद एक गैर जिम्मेदार और लापरवाह अधिकारी को देकर स्वयं बिहार में हो रही आपराधिक घटनाओं के मूकदर्शक बने बैठे हैं। 

उन्होंने कहा की बूढ़े एवं बेकार अधिकारियों को सेवानिवृत्ति दी जाए और ईमानदार पदाधिकारियों को जिले में जगह दी जाए। आज बेगूसराय में हुए दुर्भाग्यपूर्ण गोलीकांड की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री को गृह विभाग से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। वैसे भी दास भाव से उनके गुण गाने वाले उनके समर्थक अक्सर चीख चीख कर बताते रहते हैं की गैसल ट्रेन दुर्घटना (1999) के बाद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए रेलमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। आज भी नैतिकता का वही मानदंड लोगों के सामने रखने का वक़्त है।

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