पटना आईआईटी में व्याख्यान का हुआ आयोजन, स्वतंत्रता संग्राम में युवाओं की भूमिका पर हुई चर्चा

पटना आईआईटी में व्याख्यान का हुआ आयोजन, स्वतंत्रता संग्राम में युवाओं की भूमिका पर हुई चर्चा

PATNA : बिहटा स्थित आईआईटी के सीनेट हाल में संस्थान द्वारा स्वतंत्रता संग्राम में युवाओं की भूमिका विषयक व्याख्यान का आयोजन हुआ। व्याख्यान का शुभारंभ स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी, युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह, आईआईटी पटना के निदेशक डॉ. टीएन सिंह एवं अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।


इस मौके पर मुख्य अतिथि स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की द्वापर, त्रेता, स्वतंत्रता संग्राम, संपूर्ण क्रांति का आंदोलन जब भी देश को आवश्यकता रहा। नौजवानों ने अपनी भूमिका का जिम्मेवारी पूर्वक निर्वहन किया। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की लगभग 200 वर्षों के स्वतंत्रता संग्राम में युवाओं ने हर मोड़ पर संघर्ष किया।स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की मंगल पांडेय से लेकर भगत सिंह जैसे युवा सपूतों के कारण भारत माता को आजादी मिली।

मुख्य वक्ता युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा की मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मी बाई, बिरसा मुंडा, तिलका माँझी, बैकुंठ शुक्ला, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, बटुकेश्वर दत्त, अशफ़ाख़ुल्लाह ख़ान जैसे युवा सेनानियों को भारत नहीं भूल सकता।

सिंह ने कहा की जयप्रकाश नारायण ने युवा अवस्था में भारतीय स्वतंत्रता अभियान में महती भूमिका का निर्वहन किया। सिंह ने कहा की भारत माता की आजादी हेतु मात्र 28 वर्ष की आयु में वीर सावरकर को 50 वर्ष के कारावास का सजा मिला था। वीर सावरकर के संघर्ष को आजादी के बाद परिवारवादी दल की सरकार ने वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वह वास्तविक अधिकारी थे। सिंह ने कहा की युवा वर्ग को वीर सावरकर के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में दिये गये योगदान से प्रेरणा लेकर भारत माता को विश्वगुरु बनाने हेतु आगे आना चाहिए। अध्यक्षता कर रहे आईआईटी पटना के निदेशक डॉ. टीएन सिंह ने कहा की युवा शक्ति ने देश को स्वतंत्र कराने में अग्रणी भूमिका का निर्वहन किया। डॉ. सिंह ने स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी एवं युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।संस्थान की ओर से डॉ. स्मृति सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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