शराब कारोबार पर मद्य निषेध विभाग सख्त : सड़क के साथ अब नदियों में भी होगी पेट्रोलिंग, कार्यबल की कमी को लेकर जताई चिंता

शराब कारोबार पर मद्य निषेध विभाग सख्त : सड़क के साथ अब नदियों में भी होगी पेट्रोलिंग, कार्यबल की कमी को लेकर जताई चिंता

पटना. शराबबंदी को लेकर बिहार मद्य निषेध विभाग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इसमें मद्य निषेध आयुक्त बी कार्तिके झा ने बताया कि 2016 से अब तर अवैध शराब को लेकर 19 हजार 175 मामले दर्ज हुए हैं. इसमें 4 हजार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. 1176 अभियुक्तों को सजा मिली है. उन्होंने विभाग में कार्यबल की कमी को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि जिलों में डाटा एंट्री ऑपरेटरों और चौकियों पर मैन पावर की आवश्यकता है.

वहीं मद्य निषेध विभाग के आयुक्त ने रोड पर पुलिस गस्ती को जरूरी बताया. साथ ही उन्होंने बताया कि नदियों में रिवर पेट्रोलिंग होगा. इसको लेकर जिलाधिकारी और एसपी को निर्देश दिये गये हैं. उन्होंने कहा कि विभाग के एसीएस के निर्देश पर होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी पूरी कर ली गयी है. वहीं शराब परिवहन को लेकर 55 हजार 216 वाहन अब तक जब्त किये गये हैं. वहीं बिहार सरकार को 62 करोड़ की राशि का लाभ हुआ है. शराब के अबैध कारोबार से जुड़े 2000 भूभाग को जब्त किया गया है. उन्होंने बताया कि वीडियो के माध्यम से लोगों को शराब के खिलाफ जगरूक किया जाएगा. वहीं वहीं विभाग की कार्रवाई में डॉग स्क्वायड की टीम की भी शराब पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका रही.

साथ ही विभाग शराब के कोरोबार पर पूर्ण बैन लगाने के लिए ड्रोन से भी निगरानी करेगा. वहीं शराब से जुड़े मामले पर सुनवाई को लेकर विभाग ने 74 अन्य न्यायालय बनाने को लेकर भी सरकार को पत्र लिखेगा. इसकी स्वीकृत के बाद चार्ज शीट और सजा में तेजी आएगी. मद्य निषेध विभाग के आयुक्त ने कहा कि शराब माफिया के खिलाफ अब हाई टेक तरीके से काम किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पिछले 10 दिनों में पुलिस और एक्ससाइज की टीम अभी तक 19175 मामले में छापेमारी की है. इसमें 4000 मामला दर्ज किया गया है और 4610 अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.


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