ममता के ‘मेंटर’ प्रशांत किशोर की दो टूक, विपक्ष का नेतृत्व करना कांग्रेस का ‘दैवीय अधिकार’ नहीं

ममता के ‘मेंटर’ प्रशांत किशोर की दो टूक, विपक्ष का नेतृत्व करना कांग्रेस का ‘दैवीय अधिकार’ नहीं

नई दिल्ली. राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने गाँधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा है कि देश के विपक्ष का नेतृत्व करना कांग्रेस का ‘दैवीय अधिकार’ नहीं है. उन्होंने कहा कि विपक्ष का नेतृत्व कौन करेगा इसका निर्णय विपक्षी दलों के बीच लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए. 

राजनीतिक गलियारों में प्रशांत किशोर के इस बयान को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के उस अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमे ममता देश के विपक्षी दलों को एकजुट करने में लगी है. ममता बनर्जी पिछले कुछ दिनों के दौरान कई विपक्षी नेताओं से मिल चुकी है. विपक्षी नेताओं से हो रही ममता की मुलाकात पर माना जा रहा है कि वे विपक्ष का नेतृत्व करने की जुगत में हैं. 

प्रशांत किशोर को ममता बनर्जी का मेंटर माना जाता है. पिछले पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता को सत्ता में वापसी दिलाने में प्रशांत की अहम रणनीति रही थी. अब राष्ट्रिय स्तर पर ममता को विपक्षी नेतृत्व का चेहरा पेश करने के लिए प्रशांत किशोर के इस बयान को देखा जा रहा है. 

वहीं ममता बनर्जी और प्रशांत किशोर के बयानों पर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे भाजपा की चाल कहा है. खरगे ने बिना ममता का नाम लिए कहा विपक्ष की एकता को कमजोर करने के लिए ऐसे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. उन्होंने यूपीए को राजग का एकमात्र विकल्प बताया है और कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों को एकजुट रहने का सुझाव दिया है. 


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