CM नीतीश की वर्चुअल रैली को लेकर जेडीयू ने झोंकी ताकत,पार्टी के दलित मंत्रियों-विधायकों को मिला खास जिम्मा

CM नीतीश की वर्चुअल रैली को लेकर जेडीयू ने झोंकी ताकत,पार्टी के दलित मंत्रियों-विधायकों को मिला खास जिम्मा

PATNA: बिहार में हर राजनीतिक दल दमखम से चुनावी मैदान में उतर गई हैं।सत्ताधारी जेडीयू की तरफ से भी  चुनावी तैयारी को लेकर नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी है।जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के सीएम नीतीश कुमार 6 सितबंर को बड़ी जनसभा करने वाले हैं।सीएम नीतीश की सभा की सफळता को लेकर जेडीयू ने पूरी ताकत लगा दी है। खासकर जेडीयू के दलित नेताओं की तरफ से पूरी तैयारी की जा रही है।

आज मंत्री अशोक चौधरी के आवास पर जेडीयू कोटे के मंत्रियों विधायको और सांसदों की बैठक बुलाई गई। बैठक में मंत्री अशोक चौधरी, महेश्वर हजारी,संतोष निराला,मंत्री रमेश ऋषि देव के साथःसाथ सांसद डॉ आलोक सुमन समेत कई विधायकऔर जदयू के नेता मौजूद रहे।

बैठक में मंत्रियों ने सीएम नीतीश की वर्चुअल रैली में दलित वर्ग के लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी पर मंथन किया गया।जेडीयू कोटे के मंत्रियों ने कहा कि छह सितंबर को वर्चुअल रैली आयोजित है।उस दिन से विधानसभा चुनाव के प्रचार का आगाज होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 15 साल के काम का हिसाब देंगे।जेडीयू के दलित विधायकों और मंत्रियों ने कहा कि नीतीश कुमार ने एससी-एसटी के सबसे अधिक काम किया है।हम लोग निचले स्तर तक यह बताने का काम करेंगे। 

बता दें कि कोरोना काल में वर्चुअल मीटिंग ही संवाद का मुख्य जरिया बना है।सभी राजनीतिक दल वर्चुअल माध्यम से ही रैली या मीटिंग कर रहे हैं. भाजपा के बाद जदयू की ओर से भी वर्चुअल रैली की जा रही है।इसके पहले अमित शाह की बिहार में बड़ी वर्चुअल रैली हुई थी।कांग्रेस और राजद भी वर्चुअल मीटिंग कर रही है।कांग्रेस की तरफ से 1-21 सितबंर तक बिहार में करीब 100 वर्चुअल मीटिंग करने वाली है।

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