मंच से बोले मंत्री सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री जी...आज भी शराब माफिया कमा रहे पैसा...कमर तोड़ने की जरूरत

मंच से बोले मंत्री सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री जी...आज भी शराब माफिया कमा रहे पैसा...कमर तोड़ने की जरूरत

पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज समस्तीपुर पहुंचे। सीएम ने पटेल मैदान से दहेज प्रथा एवं बाल-विवाह जैसी कुरीतियों के उन्मूलन तथा नशा मुक्ति को लेकर सामाजिक जागरूकता लाने को लेकर सभा कर रहे हैं। बिहार के डीजीपी ने कहा कि परिवार में मां-बाप की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डीजीपी सिंघल ने कहा कि आज देखने को मिल रहा कि बेटियां बिना मां-बाप की अनुमति के शादी के घऱ से निकल जाती हैं। इसका काफी दुःखद परिणाम होता है। वहीं पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नशा का कारोबार कर लोगों ने संपत्ति बनाई है। वैसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। 

माफियाओं पर चलायें हथौड़ा

सम्राट चौधरी ने कहा कि आज भी कुछ लोग शराब के अभियान में लगे हैं. उसे ध्वस्त करने की जरूरत है। कई लोग हैं जो शराब माफिया बनकर जिलों में चल रहे हैं और कारोबार कर रहे हैं। हम तो सीएम नीतीश से आग्रह करेंगे कि  कई लोग जो शराब माफिया हैं और जिलों में आर्थिक आमदनी कर रहे हैं इसको भी तोड़ना पड़ेगा।  मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्तर पर मॉनिटरिंग होती है लेकिन गति तेज करने की जरूरत है।

बेटियां शादी के लिए घर से निकल जा रहीं यह गलत है-डीजीपी

डीजीपी ने समस्तीपुर में आयोजित समाज सुधार अभियान कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि बेटे-बेटियों को सही रास्ता दिखाने में मां-बाप की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अगर आपके बेटे-बेटी स्कूल जाते हैं तो वहीं से आप पूरी नजर रखें। हमारी बेटी स्कूल पहुंची या नहीं पहुंची,क्या पढ़ी या नहीं, स्कूल-कॉलेज से वापस आई तो खुश रह रही है या नहीं,कोई परेशान या छेड़छाड़ तो नहीं कर रहा? वह कहां उठ-बैठ रही है इस ख्याल रखना होगा। पुलिस तो है ही लेकिन अभिभावकों को देखना होगा,तभी आपके बेटे-बेटी सही रास्ते पर आगे बढ़ सकते हैं। 

डीजीपी ने कहा कि अपराध के जो नये आयाम देखे जा रहे हैं उसमें कम उम्र के लड़के पकड़े जा रहे हैं.ऐसा इसलिए कि  इनके अभिभावक इन बच्चों पर ध्यान नहीं दिये। बच्चो पर ध्यान रखें. हमने दिन-रात पढ़ाई की तभी जाकर यहां तक पहुंचे हैं। एस.के. सिंघल ने कहा कि एक और समस्या सामने आ रही है वो ये है कि कई सारी बेटियां हैं जो शादी के लिए बिना मां-बाप की अनुमति के घर से निकल जाती हैं। इसके दुुखद परिणाम निकलते हैं। कई की तो हत्या हो जाती है। कुछ बेटियां वेश्यावृति तक पहुंच जाती है। उनका कोई ठिकाना नहीं रह जाता। उसका परिणाम मां-पिता को उठाना पड़ता है। इसलिए हम सब का दायित्व है कि बेटा-बेटी से लगातार बात करें और अच्छी शिक्षा दें।  


Find Us on Facebook

Trending News