तीनों कृषि कानूनों को फिर से वापस लाने की तैयारी में है जुटी मोदी सरकार , केंद्र और किसानों में फिर बढ़ सकता है तकरार

तीनों कृषि कानूनों को फिर से वापस लाने की तैयारी में है जुटी मोदी सरकार , केंद्र और किसानों में फिर बढ़ सकता है तकरार

 नई दिल्ली. किसानों के भारी विरोध के बाद भले केंद्र सरकार ने तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस ले लिया था, लेकिन अब एक बार से केंद्र सरकार ने इन कानूनों को दोबारा लाने की बात की है. केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि हम कृषि रिफॉर्म की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं. इसके लिए वापस लिए जा चुके तीनों कृषि कानूनों को फिर से लाने की योजना भी शामिल है. 

नरेंद्र सिंह तोमर ने महाराष्ट्र के नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह दावा किया. हालाँकि उन्होंने स्पष्ट रूप से इसकी कोई घोषणा नहीं की कि केंद्र सरकार तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को कब लाएगी. उन्होंने कहा, कृषि कानून 70 साल की आजादी के बाद लाया गया सबसे बड़ा कृषि रिफॉर्म था. इसके बाद भी कुछ लोगों के विरोध के बाद उसे वापस लेना पड़ा. हम एक कदम पीछे जरूर हटे हैं लेकिन दोबारा फिर से आगे बढ़ेंगे.

उन्होंने कहा, किसान भारत की रीढ़ हैं. केंद्र सरकार किसानों के हितों को लेकर सजग है. हमें उनकी चिंता है. इसलिए हम आगे के बारे में सोच रही है, हम निराश नहीं हैं. हम अलग अलग कारणों से एक कदम पीछे जरूर हटे हैं. पर भविष्य में फिर से इस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. कुछ लोगों को कृषि कानून पसंद नहीं आया लेकिन हम निराश नहीं हुए हैं, हम आगे के बारे में सोच रहे हैं. 

इस बीच, तोमर के बयान के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने केंद्र को चेतावनी देते हुए कहा अगर केंद्र सरकार फिर से ऐसा कुछ करेगी तो देश के किसानों का आंदोलन फिर से शुरू हो सकता है. उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने सिर्फ तीन कृषि कानून ही रद्द किए हैं, किसान संगठनों की अन्य मांगें अभी नहीं मानी गई हैं. हम अन्य मांगों को मनवाने के लिए केंद्र पर दबाव बनाते रहेंगे.

गौरतलब है कि करीब 14 महीनों तक चले किसानों के आन्दोलन के बाद इसी वर्ष प्रकाश पर्व पर मोदी सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा कहा था कि हम किसानों को समझाने में सफल नहीं हुए. उन्होंने कहा था, हमारी तपस्या में कमी रह गई, हम तीनों कानूनों को वापस लेते हैं. भरपूर प्रयास के बाद भी हम किसानों को समझा नहीं पाए. हालाँकि अब करीब एक महीने बाद कृषि मंत्री कि घोषणा कि हम एक कदम पीछे जरूर हटे हैं लेकिन दोबारा फिर से आगे बढ़ेंगे यह दर्शाता है कि मोदी सरकार एक बार फिर से इन कानूनों को नए सिरे से लेन की तैयारी में जुट गई है. 


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