प्रकृति की दोहरी मार : पहले बाढ़ ने जमीन पर पटका, अब लगातार बारिश और आंधी से सारी फसल बर्बाद, किसानों के आंखों से निकल रहे हैं खून के आंसू

प्रकृति की दोहरी मार : पहले बाढ़ ने जमीन पर पटका, अब लगातार बारिश और आंधी से सारी फसल बर्बाद, किसानों के आंखों से निकल रहे हैं खून के आंसू

BETIYA : पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड क्षेत्र में लगातार हुई बारिश मानो किसानों के ऊपर कहर ढा रहा है। पहले बाढ़ ने किसानों की फसलों को बर्बाद किया फिर किसानों ने किसी तरह से दुबारा अपने खेतों में धान का फसल लगाया, वहीं जब फसल को काटने का समय आया तो फिर बरसात होने से किसानों के  खेतो में खड़ी धान की फसल बर्बाद हो रही है।अपनी फसलों को बर्बाद होता देख किसान खून के आशु रोने को मजबूर हैं।

बतादें कि जिले में हुई लगातार बारिश व आंधी के कारण खेतो में धान की फसलों को बर्बाद कर दिया है। किसान झुँना कुमार ने बताया कि पहले बाढ़ फिर बरसात ने किसानों की कमर तोड़ रखी है। बाढ़ के बाद जैसे तैसे खेती किया गया जब फसल को काटने का समय आया तो बरसात फसल को बर्बाद कर रही है।

बताया गया कि यह स्थिति टोले के सिर्फ एक किसान की नहीं है। प्रकृति की मार झेलने के बाद यहां के दूसरे किसान भी परेशान हैं, इनमें से कुछ ने कर्ज लेकर फसल लगाया था, लेकिन फसल के नुकसान होने के बाद वह चिंतित हैं।

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