भ्रष्ट इंजीनियर की काली कमाई के राजदार हैं नेताजी? 'धनकुबेर' को बचाने के लिए केंद्रीय मंत्री 'पारस' गुट के 'खजांची' ने SVU को किया था फोन

भ्रष्ट इंजीनियर की काली कमाई के राजदार हैं नेताजी? 'धनकुबेर' को बचाने के लिए केंद्रीय मंत्री 'पारस' गुट के 'खजांची' ने SVU को किया था फोन

पटनाः भ्रष्टाचार के मामले में लोजपा पारस गुट के कोषाध्यक्ष कटघरे में आ गये हैं। नेता जी पर एक भ्रष्ट इंजीनियर के पक्ष में खड़े होने का आरोप है। कहा जाता है कि भ्रष्टाचार  रूपी गंगोत्री ने नेताजी और इंजीनियर साहब दोनों मिलकर डूबकी लगाते रहे हैं। अब नेता जी स्पेशल विजिलेंस यूनिट के रडार पर आ गए हैं। SVU की तरफ से केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की पार्टी के खजांची सुनील कुमार सिन्हा को नोटिस भेजा गया है। कहा तो यह भी जाता है कि मंत्री जी की पार्टी के खजांची न सिर्फ इंजीनियर बल्कि कई आईएएस अधिकारियों के राजदार हैं। अब जांच एजेंसी तमाम कई बिंदूओं पर पूछताछ करेगी। 

लोजपा पारस गुट के खजांची को होना होगा हाजिर 

लोजपा पारस गुट के कोषाध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा को विशेष निगरानी इकाई ने CRPC की धारा-160 के तहत नोटिस भेजा है। नेता जी से कहा गया है कि उन्हें 2 अगस्त को 11 बजे दिन में दारोगा राय पथ स्थित स्पेशल विजिलेंस यूनिट के ऑफिस पहुंचना होगा। भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें सवालों का जवाब देना होगा।इनके ऊपर भ्रष्टाचार करने वाले नगर विकास विभाग के तहत बुडको में पोस्टेड एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अनिल कुमार यादव के साथ सांठगांठ का आरोप लगा है। इसी के बाद अनिल कुमार यादव के केस की जांच कर रहे SVU के DSP बिपिन बिहारी की तरफ राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के कोषाध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा को नोटिस भेजा गया है। DSP की तरफ से 29 जुलाई को यह नोटिस जारी किया गया है। अगर नियत समय पर लोजपा पारस गुट के कोषाध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा पेश नहीं होते हैं तो जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई करने को स्वतंत्र होगी। 

इंजीनियर के लिए जांच एजेंसी को किया था फोन 

बताया जाता है कि जब विशेष निगरानी इकाई बुडको के कार्यपालक अभियंता अनिल कुमार यादव के ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी तब लोजपा नेता सुनील कुमार सिन्हा ने एसवीयू एसपी को फोन किया था। साथ ही जांच एजेंसी के अफसर को हड़काने की कोशिश की थी। नेता जी ने यह भी कहा था कि वे इंजीनियर अनिल कुमार यादव को जानते हैं। जांच एजेंसी ने पड़ताल में पाया है कि सुनील कुमार सिन्हा और इंजीनियर के बीच काफी नजदीकी है। 400 करोड़ के टेंडर की सेंटिग में भी नेता का हाथ बताया जाता है। यानी टेंडर मैनेज करने के खेल में कहीं न कहीं शक की सूई लोजपा पारस गुट के कोषाध्यक्ष सुनील सिन्हा की तरफ घूम रही है। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद सुनील सिन्हा ने बताया है कि वे जांच एजेंसी के अफसर को फोन किये थे, लेकिन हड़काने वाली बात नहीं है। हम तो इंजीनियर को जानते तक नहीं। बड़ा सवाल यही है कि जब इंजीनियर को जानते नहीं तब पैरवी का फोन क्यों किया? इसका जवाब तो अब जांच एजेंसी के सामने देना ही होगा। 

400 करोड़ के टेंडर में भ्रष्टाचार के आरोप 

इंजीनियर अनिल कुमार यादव पर 400 करोड़ का एक टेंडर पास करने में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार करने का आरोप है। जिसके बाद SVU ने इनके खिलाफ जांच की थी। फिर मिले सबूतों के आधार पर SVU ने 25 जुलाई को ही एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के खिलाफ 98 लाख 41 हजार 366 रुपए का आय से अधिक संपत्ति का FIR दर्ज किया था। 26 जुलाई को SVU की टीम ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अनिल कुमार यादव के पटना में पुनाईचक स्थित फ्लैट और राजापुर पुल के पास स्थित ऑफिस में छापेमारी की थी। तब इनके सरकारी आमदनी से 5 गुणा अधिक की चल-अचल संपत्ति का पता चला। इनके पास करोड़ों की प्रॉपर्टी है। जिसमें 5 प्रॉपर्टी पटना और 1 मधेपुरा में है। बड़ी बात यह है कि सरकारी नौकरी में आने के बाद से अनिल कुमार यादव की कुल कमाई सैलरी के तौर पर 65 लाख रुपया ही है।

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