पटना में आतंक पर जारी है NIA का एक्शन, ‘तीसरे संदिग्ध’ आतंकी की गिरफ्तारी से खुले कई राज, जानिए क्या है ‘इस्लामिक राष्ट्र 2047’ षड्यंत्र

पटना में आतंक पर जारी है NIA का एक्शन, ‘तीसरे संदिग्ध’ आतंकी की गिरफ्तारी से खुले कई राज, जानिए क्या है ‘इस्लामिक राष्ट्र 2047’ षड्यंत्र

पटना. केंद्रीय एजेंसियों और पटना पुलिस की कार्रवाई में पटना से दो संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी ने कई राजफाश किए हैं. वहीं NIA की ओर से संदिग्ध लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है. सूत्रों के अनुसार एक अब तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है. इसमें पहले गिरफ्त में आया अतहर परवेज और मोहम्मद जलालुद्दीन जबकि तीसरे का नाम अभी उजागर नहीं किया गया है. ये लोग पटना में रहकर ‘इस्लामिक राष्ट्र 2047’ षड्यंत्र के मोड्यूल पर काम कर रहे थे. इसके लिए उसने युवाओं का एक दस्ता भी बनाया था. 

वर्ष 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के षड्यंत्र का पर्दाफाश होने और पीएम मोदी के पटना दौरे के दौरान बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने के मंसूबों के खुलासे के बाद अब कई राज उजागर हुए हैं. कहा जा रहा है कि संदिग्ध आतंकियों ने पटना के फुलवारीशरीफ में दंगा फ़ैलाने की तैयारी की थी. इसके लिए उन्होंने युवाओं के एक दल को तैयार किया था. 

मोहम्मद जलालुद्दीन झारखंड पुलिस से रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर है जबकि अतहर परेवज आतंकवादी संगठन सिमी का पूर्व सदस्य रहा है. दोनों अब पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया एवं एसडीपीआई के सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहे थे. इन लोगों ने युवाओं को मार्शल आर्ट और शारीरिक शिक्षा के नाम पर अस्त्र-शस्त्र की ट्रेनिंग देकर उन्हें धार्मिक उन्माद फैलाने और आतंकवादी गतिविधि फ़ैलाने की तैयारी में थे. 

सूत्रों के अनुसार, ‘इस्लामिक राष्ट्र 2047’ षड्यंत्र के तहत भोले भाले किशोरों और युवकों को बहला फुसलाकर उन्हें धर्म के नाम पर देश के खिलाफ भड़काना मुख्य टारगेट था. साथ ही पुलिस-प्रशासन को अस्थिर करने के लिए शहरों में दंगे कराना, पीएम जैसी हस्ती के दौरे के समय उन्माद फैलाना आदि शामिल था. फुलवारीशरीफ के एडिशनल एसपी मनीष कुमार के अनुसार गिरफ्तार संदिग्धों के पास से जो दस्तावेज मिले हैं उसमें 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के लिए मुहिम चलाने से संबंधित दस्तावेज शामिल है.  

अतहर परवेज और मोहम्मद जलालुद्दीन ने अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए न सिर्फ बिहार के युवाओं बल्कि तमिलनाडु, झारखंड, पश्चिम बंगाल, केरल जैसे राज्यों के युवाओं को पटना में पनाह दे रखा था. आरोपियों ने फंडिग के लिए भी बड़े स्तर पर लिंक बना रखा था और अतहर के विभिन्न बैंकों में तीन अकाउंट में 83 लाख रुपए जमा मिले हैं. 


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