नीतीश जी 'इंसाफ' करिए...RJD ने पटना में 14000 वर्ग फीट 'जमीन' मांगा, सबूत पेश कर डिमांड किया 'हक'

नीतीश जी 'इंसाफ' करिए...RJD ने पटना में 14000 वर्ग फीट 'जमीन' मांगा, सबूत पेश कर डिमांड किया 'हक'

PATNA: बिहार के सबसे बड़े दल राजद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नई और बड़ी मांग रख दी है। आरजेडी ने जेडीयू पर तंज कसते हुए बिहार सरकार से न्याय की अपेक्षा की है। प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने सरकार को लिखे पत्र में पूछा है कि जो दल तीसरे नंबर की है उसे कार्यालय के लिए सबसे अधिक सरकारी स्थान दे दिया गया। जबकि सबसे बड़े दल को सबसे कम जगह। क्या यही न्याय का सिद्धांत है?  

तीसरे नंबर की पार्टी को सबसे अधिक जगह यह कहां का न्याय-RJD

राजद प्रदेश जगदानंद सिंह ने नीतीश सरकार को घेरा है। न्याय के सिद्धांत का हवाला देते हुए उन्होंने सरकार से 14 हजार वर्ग फीट जमीन राजद को देने की मांग की है। जगदानंद सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि न्याय का सिद्धांत यह कहता है कि आवंटन बराबर का होना चाहिए। मगर अफसोस,बिहार में ऐसा नहीं हो रहा .राजद प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश कार्यालय के संचालन को लेकर 14 हजार वर्ग फीट जमीन देने की मांग की है। भवन निर्माण विभाग के सचिव को लिखे पत्र में कहा गया की बिहार में 3 बड़े दल हैं. तीनों दलों का कार्यालय वीरचंद मार्ग में आसपास ही है. लेकिन तीनों दल के कार्यालय के लिए आवंटित जमीन में बड़ा अँतर है।  जगदानंग सिंह ने इसके पक्ष में विधायकों का आंकड़ा पेश किया है। विधानसभा में राजद के 75, बीजेपी के 74 एवं जेडीयू के विधायकों की संख्या 43 है. इस तरह से तीसरे नंबर की पार्टी को प्रदेश कार्यालय के लिए सबसे अधिक सार्वजनिक स्थान प्राप्त है. सबसे बड़े दल के लिए जेडीयू की जमीन के मुकाबले मात्र 30 फ़ीसदी तथा भाजपा के मुकाबले 37% सरकारी स्थान दिया गया है. यह न्याय के सिद्धांत के विपरीत है।

14000 वर्ग फीट जमीन दे सरकार  

पत्र में कहा गया कि जेडीयू को 66000 वर्ग फीट, बीजेपी को 52000 वर्ग फीट और राजद को केवल 19842 वर्ग फीट जमीन दिया गया है. ऐसे में राजद कार्यालय के बगल में एक खाली प्लॉट है जो दीवाल से उत्तर तरफ सटा हुआ है. यह जमीन राजद कार्यालय के लिए उचित है. इस जमीन को राजद को आवंटित किया जाना चाहिए. क्योंकि आवश्यक कार्यों के निष्पादन में कठिनाई हो रही है .जगदानंद सिंह ने उल्लेख किया है कि बिहार सरकार ने जेडीयू के कार्यालय विस्तार के लिए इसी तरह की रिक्त जमीन को दिया है. जिस पर विधायकों के 24 आवासीय फ्लैट बने हुए थे. सभी फ्लैटों को केवल तोड़कर ही विस्तार की अनुमति नहीं दी गई बल्कि उस पर करोड़ों रुपए से अधिक खर्च कर शानदार सभाकक्ष बना दिया गया .सार्वजनिक सड़क को भी परिसर की घेराबंदी में लेकर मिलर स्कूल तक विस्तारित की गई. सार्वजनिक धन से दो मंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा. इसी तरह राजद कार्यालय के लिए बगल की जमीन 13797 वर्ग फीट है, वह दिया जाए. इस जमीन को देने के बाद भी राजद को केवल 33642 वर्ग फीट की जमीन उपलब्ध होगा. जो जेडीयू परिसर का 50% एवं भाजपा के एरिया का 67% होगा .राजद अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने भवन निर्माण विभाग को कहा कि अगर वह जमीन कार्यालय संचालन के लिए मिल जाए तो हम इसे ही न्याय पूर्वक आवंटन मान लेंगे. 

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