नीतीश कुमार नहीं बन पाएंगे राष्ट्रपति! भाजपा के उम्मीदवार के नाम का संशय समाप्ति की ओर, शाह- नड्डा की ‘भावी उम्मीदवार’ से मुलाकात

नीतीश कुमार नहीं बन पाएंगे राष्ट्रपति! भाजपा के उम्मीदवार के नाम का संशय समाप्ति की ओर,  शाह- नड्डा की ‘भावी उम्मीदवार’ से मुलाकात

DESK. देश की सियासत में इन दिनों राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। जहां एक ओर बीजेपी की अगुवाई में केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए सभी दलों से बातचीत के जरिये राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार पर आम सहमति बनाने में लगा है। वहीं विपक्ष भी ष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार पर मंथन कर रहा है। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर आज बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक भी हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक ये बैठक बीजेपी मुख्यालय में हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बैठक में शिरकत कर सकते हैं। 

राष्ट्रपति चुनाव के सिलसिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अहम बैठक से पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की है। जिसके बाद से इस बात की संभावना प्रबल होती दिख रही है कि एनडीए की तरफ से वेंकैया नायडू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जा सकता है। बीजेपी दक्षिण भारत में अपना विस्तार करना चाह रही है। इसके लिए पार्टी दक्षिण भारत से किसी शख्स को राष्ट्रपति बनाकर संदेश देने की कोशिश कर सकती है। ऐसे में आंध्र प्रदेश से आने वाले उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू सबसे मजबूत विकल्प हैं। 

वेंकैया नायडू को उम्मीदवार बनाने के भाजपा को दोहरा फायदा होगा। राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए को पूर्ण बहुमत नहीं है। ऐसे में अगर नायडू को उम्मीदवार बनाया जाता है तो तेलुगू मूल के होने के कारण उनके समर्थन में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के राजनीतिक दल आसानी से आ सकते हैं. इससे बिना किसी परेशानी के भाजपा उम्मीदवार की जीत हो जाएगी।

वहीं नायडू को अगर उम्मीदवार बनाया जाता है तो यह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए भी एक झटका हो सकता है । नीतीश को राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है, उनके नाम की अटकलें लगाई जा रही हैं। लेकिन जब नायडू को उम्मीदवार बनाया जाएगा तो यह नीतीश के शीर्ष पायदान पर पहुंचने की संभावना को बड़ा झटका देने वाला साबित होगा। हालांकि नीतीश कुमार पहले ही कह चुके हैं कि वे राष्ट्रपति पद की दौड़ में नहीं हैं। साथ ही नायडू को उम्मीदवार बनाकर भाजपा एक झटके में विपक्ष की एकता में भी दरार डालने में सफल साबित होगी।

बीजेपी ने राष्ट्रपति उम्मीदवार पर सर्वसम्मति बनाने के लिए देश के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बातचीत करने की जिम्मेदारी जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह का सौंपी थी। 2017 में रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार घोषित कर चौकाने वाली बीजेपी इस बार भी एक बड़ा सरप्राइज दे सकती है।


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