नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप....समाज कल्याण विभाग में 300 करोड़ की योजना के वारा-न्यारा की तैयारी!

नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप....समाज कल्याण विभाग में 300 करोड़ की योजना के वारा-न्यारा की तैयारी!

PATNA: बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के तहत महिला बाल संरक्षण समिति की साड़ी- पेटीकोट वितरण योजना की निविदा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का अंदेशा है। 300 करोड़ रुपए की यह निविदा पूरी तरह से संदेह के घेरे में है। समाज कल्याण विभाग द्वारा 24 जनवरी 2020 को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर मुफ्त साड़ी एवं पेटीकोट वितरण के लिए साड़ी तथा पेटीकोट खरीदने की स्वीकृति मांगी थी। 

कांग्रेस का बड़ा आरोप

कांग्रेस नेता ने इस मामले का खुलासा करते हुए कहा कि समाज कल्याण विभाग के महिला बाल संरक्षण समिति निदेशक ने साड़ी-पेटिकोट की खरीद हेतु तकनीकी सत्यापन के बाद कंपनी संस्कार टेक्स प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड का उल्लेख किया था। पत्र में उल्लेखित था कि इस कंपनी को कागजात तथा सैंपल की तकनीकी जांच कर खरीद को लेकर चयन किया है। पत्र में साड़ी एवं पेटिकोट की संख्या 4902000 बताया गया है। वहीं प्रति साड़ी एवं पेटीकोट खरीद हेतु ₹612 का दर अंकित है। इस पत्र के लगभग एक माह के बाद भारत सरकार के समाज कल्याण विभाग की निदेशक ने बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग को 17-02-2020 को पत्र लिखकर खरीद हेतु स्वीकृति प्रदान की। साथ ही साड़ी तथा पेटिकोट की खरीद के लिए 300 करोड़ की राशि भी आवंटित किया।

एक कंपनी को फायदा पहुंचाने का बड़ा खेल

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने खुलासा करते हुए बताया कि इसके बाद अगस्त माह की 28 तारीख को गुजरात की कंपनी संस्कार टेक्स प्रिंट प्राइवेट लिमिटेड को 300 करोड़ के साड़ी तथा पेटिकोट के क्रय आदेश जारी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि 300 करोड़ मूल्य के इस निविदा में अग्रधन जमा राशि गुजरात की इस कंपनी से मात्र 6 लाख रुपए ली गई। जबकि आमतौर में किसी निविदा के विरुद्ध निविदा प्राप्त करने वाले कंपनी से कम से कम 2% अग्रधन जमा राशि ली जाती है।उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के अन्य विभागों में अग्रधन जमा राशि के रूप में 2% का प्रावधान है।


सिर्फ 6 लाख रू ली गई अग्रधन

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता  ने कहा कि गुजरात की जिस कंपनी संस्कार टेक्स प्रिंट प्राइवेट लिमिटेड को इतना बड़ा कार्य सौंपा गया है।उसका रजिस्ट्रेशन भी 2018 का है।उन्होंने कहा कि मात्र डेढ़ वर्ष पूर्व स्थापित कंपनी को इतनी बड़ा ठेका दिया जाना अपने आप में बड़े घोटाले का संकेत है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अग्रधन जमा राशि के रूप में 300 करोड़ के कार्य के विरुद्ध मात्र 6 लाख की धनराशि भी इस निविदा में वित्तीय अनियमितता के संकेत देते हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अगस्त माह में आर्डर जारी होने के बावजूद राज्य में साड़ी तथा पेटिकोट का अभी तक वितरण नहीं हुआ है।जबकि कार्य आदेश के शर्तों के मुताबिक 90 दिन के अंदर आपूर्ति हो जानी चाहिए थी। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

300 करोड़ का वारा-न्यारा?

उन्होंने इस प्रकरण में नीतीश सरकार में व्याप्त बिचौलिए तंत्र की भूमिका पर सवाल खड़ा किया है। कहा कि उच्चस्तरीय जांच हो तो स्पष्ट हो जाएगा कि इस बड़ी डील में बिचौलिया कौन है और उसकी कितनी बड़ी भूमिका है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिचौलियों के कारण अभी तक बिहार में साड़ी तथा पेटीकोट का वितरण नहीं हो सका है।प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने पूरे निविदा प्रकरण पर भ्रष्टाचार तथा अनियमितता का आरोप लगाया है।उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार में अधिकांश निविदाओं का निपटारा इसी माध्यम से होता है।बाहरी कंपनियों को मुनाफा देने के लिए तथा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचारी तत्वों को लूटने का छूट देने वाली सरकार इतने बड़े मामले में आंखें बंद कर कैसे बैठी है.

वहीं, ICDS निदेशालय ने बताया है कि इस तरह की कोई खरीद पिछले 2 वित्तीय वर्ष में नहीं हुई है।यह आरोप पूरी तरह से गलत है। 

   

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