भाजपा से अलग होने के लिए बहाना खोज रहे थे नीतीश, कभी नहीं JDU को तोड़ने का किया गया प्रयास- सुशील मोदी

भाजपा से अलग होने के लिए बहाना खोज रहे थे नीतीश, कभी नहीं JDU को तोड़ने का किया गया प्रयास- सुशील मोदी

पटना. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भाजपा नेता नीतीश कुमार पर हमलावर हो गये हैं। नीतीश पर धोखा देने का आरोप लगा रहे हैं। इस बीच बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने नीतीश पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह भी झूठ है कि जदयू को भाजपा तोड़ना चाहती थी। वे तोड़ने का बहाना खोज रहे थे। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रचंड बहुमत से जीतेगी।

भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट किया कि "यह सरासर सफ़ेद झूठ है कि भाजपा ने बिना नीतीश जी की सहमति के आरसीपी सिंह को मंत्री बनाया था। यह भी झूठ है कि भाजपा JDU को तोड़ना चाहती थी। तोड़ने का बहाना खोज रहे थे। भाजपा 24 में प्रचंड बहुमत से आएगी।

वहीं नीतीश के इस्तीफे के कुछ देर बाद ही बिहार भाजपा ने कोर कमेटी की बैठक की। इसमें नीतीश कुमार, राजद और महागठबंधन के खिलाफ कैसे मोर्चा खोला जाए, इस पर चर्चा हुई। इसी कड़ी में भाजपा ने 10 अगस्त को पटना में धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसके बाद इस प्रदर्शन का दायरा बढ़ाकर 12 अगस्त को जिला मुख्यालय और 13 अगस्त को प्रखंड मुख्यालय पर धरना दिया जाएगा।

पिछले कई दिनों से बिहार में सियासी ऊआपोह की स्थिति थी, जिसका आज खत्म हो गया है। आखिरकार मंगलवार को नीतीश कुमार ने एनडीए से अलग होने का फैसला ले लिया। नीतीश ने भाजपा को झटका देते हुए राज्यपाल को अपना इस्तीफा दे दिया। अब वे महागठबंधन का हिस्सा बन गये हैं। बुधवार को नीतीश सीएम पद की शपथ लेंगे। वहीं तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम की शपथ लेंगे।

बिहार एक बार फिर महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है, इसकी आधारशिला रख दी गयी है। इससे पहले लोकसभा चुनाव 2014 के बाद भी जदयू, भाजपा से नाता तोड़कर महागठबंधन में शामिल हुई थी। 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू ने महागठबंधन में ही चुनाव लड़ा था। इसमें महागठबंधन को बड़ी जीत हुई थी। हांलाकि यह महगठबंधन ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाया और 2017 में टूट गया। जदयू फिर भाजपा से हाथ मिलाकर एनडीए में शामिल हुई थी।

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