नियोजित शिक्षकों का मसला एक बार फिर से पहुंचा कोर्ट, पटना हाईकोर्ट ने बिहार और केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस

नियोजित शिक्षकों का मसला एक बार फिर से पहुंचा कोर्ट, पटना हाईकोर्ट ने बिहार और केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस

PATNA: बिहार के नियोजित शिक्षकों का मसला एक बार फिर से अदालत पहुंच गया है। टीईटी शिक्षक संघ और टीसीएस बिहार ने पटना हाईकोर्ट में रिट दायर किया है।रिट के माध्यम से कोर्ट में यह कहा गया है कि जो शिक्षक 2012 में टीईटी पास कर बहाल हुए और बहाली से पहले जो बीएड पास थे उन्हें बिहार सरकार के स्थायी शिक्षक की तरह हीं सैलरी दी जाए। पहली सुनवाई के बाद पटना हाईकोर्ट के न्यायधीश अनिल कुमार उपाध्याय की अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।

पटना हाईकोर्ट के वरीय वकील दीनू कुमार ने बताया कि टीईटी शिक्षक संघ की तरफ से पटना हाईकोर्ट में रिट दाखिल किया गया है। रिट में कहा गया है कि जो शिक्षक 2012 में बहाल हुए हैं उन्हें बिहार सरकार के स्थायी शिक्षक की भांति सैलरी दी जाए।उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट में यह पक्ष रखा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने समान काम के लिए समान वेतन के संबंधित जो आदेश दिए थे उसमें भी कहा गया था कि पैरा-78 में विचार करें कि क्या सैलरी स्टक्टर होगा।

ये भी पढ़ें---बिहार के प्लस-टू शिक्षकों को लेकर बिहार सरकार ने जारी किया बड़ा आदेश, जानिए .....

उन्होंने बताया कि रिट के माध्यम से कोर्ट में बताया गया है कि भारत सरकार द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के तहत 60 फीसदी राशि दी जाती है,बाकी  राशि राज्य सरकार देती है।लेकिन वो राशि 2012 से नहीं मिली है। साथ हीं एक टीचर की राशि को चार शिक्षकों में बांट दी जाती है।

वकील दीनू कुमार ने बताया कि पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार उपाध्याय की अदालत ने केंद्र और बिहार सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की है। कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार को एविडिविट फाइल करने को कहा है।अब अगली सुनवाई 15 नवंबर को होगी।

Find Us on Facebook

Trending News