नहीं निकला समाधान! नए साल में छपरा में फिर शराब कांड, चाचा-भतीजे की हुई मौत, तीन की स्थिति गंभीर

 नहीं निकला समाधान! नए साल में छपरा में फिर शराब कांड, चाचा-भतीजे की हुई मौत, तीन की स्थिति गंभीर

PATNA/CHHAPRA : दिसंबर के महीने में छपरा में हुए शराब कांड में 75 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ शराब पीने और शराब बेचनेवालों के खिलाफ कार्रवाई की थी। लेकिन इसके बाद भी स्थिति में सुधार नजर नहीं आ रहा है। नए साल की शुरूआत होने के साथ ही फिर से शराब से मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। यहां जहरीले शराब के सेवन से दो लोगों की मौत हो गई है। जबकि तीन लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।

बताया गया कि  जिले के तरैया स्थित शाहनेवाजपुर गांव में 1 जनवरी को चाचा-भतीजे ने एक पार्टी में दोस्तों के साथ शराब का सेवन किया था। जिसके बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी  और दोनों को आंखों से धुंधला और पेट दर्द की शिकायत थी. स्थिति बिगड़ता देख परिजनों ने दोनों को इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान सोमवार की रात में सुनील कुमार की मौत हो गई. वहीं बुधवार को उसके चाचा मनोज साह की भी पटना के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. 

बुधवार की सुबह मृतक मनोज साह का शव गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया. मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक साथ चाचा-भतीजे की मौत के बाद गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।

इस मामले में अभी भी 3 लोग की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। यह सभी लोग एक ही गांव के हैं, जिन्होंने साथ में शराब का सेवन किया था. वहीं बीमार व्यक्तियों की पहचान तरैया थाना क्षेत्र के शाहनवाज निवासी पंकज कुमार पिता रघुवीर रावत, सोनू अंसारी पिता अब्दुल्लाह अंसारी और दिलीप रावत पिता बिन्दा रावत के रूप में की गई है।

इस संबंध में स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में शराब की बिक्री धड़ल्ले से चल रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन लीपापोती करके छोड़ देती है। मौत के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा परिजनों को डराया धमकाया गया है जिससे वह काफी डरे हुए हैं और पीड़ित परिवार इस मामले में कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।


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