भारतीय रेलवे ने बदला अग्रेजों का नियम, अब नए नाम से जाने जायेंगे गार्ड, रेलवे बोर्ड ने दी मंजूरी

भारतीय रेलवे ने बदला अग्रेजों का नियम, अब नए नाम से जाने जायेंगे गार्ड, रेलवे बोर्ड ने दी मंजूरी

CHHAPRA : पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ, वाराणसी मण्डल के अध्यक्ष डाॅ.ए एच अंसारी ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने हमारे फेडरेशन एनएफआईआर की लंबित माँग को मानकर 13 जनवरी को आदेश निर्गत कर दिया है। भारतीय रेल में गार्ड अब ट्रेन मैनेजर कहलायेंगे। भारतीय रेलवे में अब असिस्टेंट गार्ड को असिस्टेंट पैसेंजर ट्रेन मैनेजर, गुड्स गार्ड को गुड्स ट्रेन मैनेजर, सिनीयर गुड्स गार्ड को सिनीयर गुड्स ट्रेन मैनेजर, सिनीयर पैसेंजर गार्ड को सिनीयर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर और मेल/एक्सप्रेस गार्ड को मेल/एक्सप्रेस ट्रेन मैनेजर नाम से जाना जायेगा। 

मण्डल अध्यक्ष ए एच अंसारी ने बताया कि ब्रिटिश काल से रेलवे में गार्ड पदनाम चला आ रहा था। फेडरेशन की लगातार माँग की बदौलत अब यह बदलकर ट्रेन मैनेजर हो सका है। एनएफआईआर, नई दिल्ली के महामंत्री डाॅ. एम राघवैया और पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष सह जोनल सचिव रमेश मिश्रा ने दिसंबर 2021 में रेलवे बोर्ड और फेडरेशन के बीच हुई पीएनएम बैठक में इस विषय को प्रमुखता से रखा। जिससे यह संभव हो सका। रेलवे बोर्ड के पे कमीशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एम के गुप्ता ने आदेश जारी किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि भारतीय रेल में गार्ड अब ट्रेन मैनेजर कहलायेंगे।

पदनाम परिवर्तन से रेलवे गार्डों में ख़ुशी व्याप्त है कि अब वे ट्रेन मैनेजर कहलायेंगे। वाराणसी मण्डल के सभी गार्ड मुख्यालयों, वाराणसी , मऊ , गोरखपुर और छपरा में खुशी की लहर है। छपरा में सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया है। इसमें एस आर सहाय, प्रेम नाथ सिंह, अमिताभ गौतम , बाबू लाल कुर्मी, प्रसुन कुमार, प्रशांत कुमार सिंह, महेश कुमार, रवि शंकर सिंह, एस के साह, दया शंकर सिंह, अशोक कुमार तृतीय आदि उपस्थित थे।

छपरा से संजय भारद्वाज की रिपोर्ट

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