Bihar News : भ्रष्टाचार पर शिकंजा ! बिहार के सभी विभागों में निगरानी मामलों की बड़ी समीक्षा, 3000 से अधिक शिकायतों पर एक्शन की तैयारी

Bihar News : भ्रष्टाचार पर शिकंजा ! बिहार के सभी विभागों में

PATNA : बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संवाद कक्ष में सभी विभागों के मुख्य निगरानी पदाधिकारियों (CVO) की एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में भ्रष्टाचार से संबंधित लंबित मामलों, ऑनलाइन परिवादों (शिकायतों) और अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शिक्षा और गृह विभाग में सबसे ज्यादा शिकायतें

समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि निगरानी विभाग द्वारा विभिन्न विभागों को कुल 3,000 से अधिक ऑनलाइन परिवाद जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें सर्वाधिक मामले शिक्षा विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, गृह विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा कृषि विभाग से संबंधित हैं। अपर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि जिन विभागों में जांच रिपोर्ट या कार्रवाई लंबित है, उनका निष्पादन युद्धस्तर पर सुनिश्चित किया जाए।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का एक्शन: 122 कांड दर्ज, 102 ट्रैप केस

बैठक में मौजूद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेन्द्र सिंह गंगवार ने जानकारी दी कि विभाग की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए अब ब्यूरो स्तर पर भी ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 122 कांड दर्ज किए गए, जिनमें से 102 मामले ट्रैप (रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ना) से संबंधित थे। यह आँकड़ा दर्शाता है कि निगरानी विभाग घूसखोरी के खिलाफ लगातार सक्रिय है।

अभियोजन स्वीकृति में तेजी लाने का निर्देश

भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर कानूनी शिकंजा कसने के लिए अभियोजन स्वीकृति के लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई। वर्तमान में कुल 53 मामले ऐसे हैं जहाँ संबंधित विभागों से स्वीकृति मिलनी शेष है। इसमें सबसे अधिक मामले जल संसाधन, संसदीय कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामान्य प्रशासन विभाग के हैं। अपर मुख्य सचिव ने इन विभागों को आदेश दिया कि कानूनी बाधाओं को दूर करते हुए जल्द से जल्द अभियोजन की मंजूरी दी जाए ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके।

अब हर महीने होगी निगरानी समीक्षा बैठक

निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि अब प्रत्येक विभाग में मुख्य निगरानी पदाधिकारी द्वारा नियमित मासिक बैठक आयोजित की जाएगी। इससे शिकायतों के निष्पादन की ट्रैकिंग बेहतर होगी और भ्रष्टाचार पर समय रहते अंकुश लगाया जा सकेगा। पिछले वर्ष शुरू की गई ऑनलाइन व्यवस्था से शिकायतों के निपटारे में काफी सहूलियत मिल रही है।