अब घर बैठे मिलेगा जमीन का नक्शा, बिहार सरकार ने शुरू की नयी व्यवस्था, जानिए क्या है प्रोसेस

अब घर बैठे मिलेगा जमीन का नक्शा, बिहार सरकार ने शुरू की नयी व्यवस्था, जानिए क्या है प्रोसेस

पटना. बिहार सरकार ने नक्शा लेने के लिए नयी व्यवस्था लागू की है। अब बिहार के गांवों, मौजों और कस्बों का नक्शा ऑनलाइन मंगाया जा सकता है। ऐसा करने वाला बिहार देश का पहला राज्य हो गया है। मंगलवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री आलोक कुमार मेहता ने इसकी विधिवत शुरूआत की है।

ऐसे करें ऑनलाइन

राजस्व मानचित्रों को ऑनलाइन मंगाने के लिए निदेशालय के वेबसाइट: dirs.bihar.gov.in पर जाकर डोर स्टेप डिलीवरी icon पर क्लिक करना होगा। इसके साथ ही मिल रहे निदेशों का पालन करते हुए अपने मौजे के नक्शा का आर्डर और उसका ऑनलाइन पेमेंट करना होगा। एक शीट का नक्शा ऑनलाइन मंगाने के लिए 285 रुपये का भुगतान किया जाना है। इसमें कटेनर का शुल्क और डाक व्यय शामिल है। एक बार में एक कंटेनर में 5 शीट का आर्डर किया जा सकता है।

नक्शों को कोई क्षति नहीं पहुंचे इसके लिए उसे कूट के गोल और मजबूत डिब्बे में पैक करके भेजा जाना है। डोर स्टेप डिलीवरी हेतु भारतीय डाक से एमओयू साइन किया गया है। डाक विभाग द्वारा नक्शों की डिलीवरी में स्पीड पोस्ट सेवा की सुविधा दी जा रही है। इसके लिए आवश्यक 5 लाख बार कोड का आवंटन डाक विभाग द्वारा बिहार सर्वेक्षण कार्यालय, गुलजारबाग को किया जा चुका है। हरेक कटेनर पर बार कोड जेनेरेटेड स्टिकर लगाया जाना है।

डाक चार्ज नक्शे के वजन के मुताबिक देय होगा। एक कंटेनर की कीमत 35 रुपये निर्धारित की गई है और एक कंटेनर में अधिकतम पांच नक्शों को पैक किया जा सकता है। 3 नक्शा समेत कंटेनर का डाक शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि तीन से ज्यादा नक्शे का डाक शुल्क 150 रुपया तय किया गया है।  

भुगतान payment gateway के जरिए किया जाएगा। सभी प्रमुख बैंक इस सुविधा से जुड़े हुए हैं। भुगतान सभी प्रमुख बैंकों के डेबिट/क्रेडिट कार्ड के जरिए किया जा सकता है। इस सेवा के लिए बैंक अलग से कोई चार्ज नहीं लेंगे। सिक्यूरिटी ऑडिट भी हो चुकी है। भुगतान होने के साथ ही कंप्यूटर स्क्रीन पर प्राप्ति रसीद मिलेगी, जिसे भविष्य के लिए संरक्षित किया जा सकता है।

फिलहाल नक्शा के लिए पूरे बिहार के लोग गुलजारबाग स्थित बिहार सर्वेक्षण कार्यालय पहुंचते हैं। कभी-कभी यहां काफी भीड़ हो जाती है और कॉउन्टर के सामने लंबी-लंबी कतारे लगने लगती है, जिस कारण मैप लेने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सर्वेक्षण कार्यालय में एक शीट के 150 रूपये देने होते हैं। एक गांव का नक्शा एक शीट का भी हो सकता है और एक से अधिक शीट का भी।

भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय द्वारा शाहाबाद के चार जिलों को छोड़ कर बिहार के बाकि 34 जिलों के सदर अंचलों में प्लॉटर का अधिष्ठापन किया गया है। इन प्लॉटरों के जरिये 40 साईज के बड़े पन्नों पर गांव का नक्शा प्रिंट किया जाता है। हर जिले में अधिष्ठापित प्लॉटर के जरिए बाकि जिलों का भी नक्शा उपलब्ध कराया जाता है, जबकि गुलजारबाग, सर्वेक्षण कार्यालय में पूरे सूबे का नक्शा मिलता है।

आम लोग बिहार सर्वेक्षण कार्यालय (गुलजारबाग) में उपलब्ध कुल 1,35,865 नक्शों को ऑनलाइन मंगा सकते हैं। इसमें सबसे अधिक 73,086 नक्शे कैडस्टल सर्वे से संबंधित हैं। रिविजन सर्वे से संबंधित नक्शों की संख्या 49,711 हैं, जबकि चकबंदी के नक्शों की कुल संख्या 7821 है।

सर्वेक्षण कार्यालय (गुलजारबाग) में बिहार के अंचलों, जिलों एवं इरीगेशन मैप भी उपलब्ध हैं। साथ ही वहां से कैडेस्ट्रल एवं रिविजनल नगरपालिका मैप भी निर्धारित शुल्क देकर मंगाया जा सकता है। विभाग के इस कदम से लोगों को काफी सहूलियत होगी । हालांकि, जिलों में प्लॉटर के जरिए नक्शों की आपूर्ति पूर्व की भांति जारी रहेगी।


Find Us on Facebook

Trending News