शराब पीने के आरोप में पुलिस ने शख्स को किया गिरफ्तार, एसपी से मिलकर न्याय की लगायी गुहार

शराब पीने के आरोप में पुलिस ने शख्स को किया गिरफ्तार, एसपी से मिलकर न्याय की लगायी गुहार

KHAGARIA : बेलदौर प्रखंड क्षेत्र के सुमलेश कुमार ने पुलिस कप्तान, खगड़िया अमितेश कुमार को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाया है। दिए गए आवेदन में वर्णित है कि बेलदौर थाना कांड संख्या 352/20 दिनांक 30 दिसंबर 2020 को साजिश के तहत आरोपी बनाकर मुझे दोषी ठहराया गया है। मालूम हो कि कैंजरी गांव के सरतेज यादव के 40 वर्षीय पुत्र सुमलेश कुमार ने एसपी अमितेश कुमार को आवेदन देकर बताया कि बेलदौर थाना कांड संख्या 352/ 20 को बेलदौर थाना प्रशासन के द्वारा मुझे फर्जी आरोप में आरोपित बनाया गया है। जिसमें मैं बिल्कुल निर्दोष हूं। उक्त बात को लेकर बेलदौर पत्रकार संघ ने खगड़िया पुलिस कप्तान से जांच कराने की मांग की हैं। पत्रकारों ने बताया कि बीते 30 दिसंबर को पांच व्यक्ति बेला नौवाद गांव में एक जगह शराब पी रहे थे। उसी में से एक व्यक्ति ने हमें नववर्ष के विज्ञापन देने के लिए बुलाया था। उनलोगों को बुलाने पर हम वहां गए। 

इसी बीच कुछ ही देर बाद पीछे से आकर बेलदौर के एस आई महानंद चौधरी ने मुझे गिरफ्तार कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलदौर जांच पड़ताल करने के लिए ले आये। जबकि पहले से जो सब व्यक्ति शराब पी रहे थे उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। पीएचसी में जांच पड़ताल के दौरान पीएचसी बेलदौर में 0 परसेंट शराब का महक आया। जिस पर डॉक्टर ने सुमलेश कुमार को छोड़ देने की बातें कही। डाक्टर के बातों पर सुमलेश कुमार को कुछ क्षण के लिए छोड़ दिया गया। लेकिन पुनः फंसाने के नियत से एसआई ने डॉक्टर पर प्रेशर बनाते हुए उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलदौर से रेफर करवा लिए। जिसमें लिखा था युरीन टेस्ट,बल्ड जांच,रेफर करवाने के बाद उक्त पत्रकार को अस्पताल नहीं ले जाकर फंसाने के नियत से डीएसपी कार्यालय गोगरी लेकर चले गए और वहां भी एक दूसरे मशीन से जांच किया तो परिणाम शुन्य आया। फिर भी नहीं छोड़ा गया। फिर भी उन्होंने अस्पस्ताल नहीं ले जाकर गोगरी थाना ले गए। 

जहां इधर-उधर कर एक रिसीविंग उस मशीन से निकालकर पुनः प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलदौर उक्त पत्रकार को लेकर आया और डॉक्टर के साथ कानाफूसी कर,दवाब बनाकर डाक्टर से सर्टिफाई हस्ताक्षर करवा लिए। आवेदकों ने बताया कि जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलदौर में डॉक्टर के सामने शराब जांच किया गया तो परिणाम शुन्य (0)आया तो फिर दूसरे जगह से लाए हुए रिसीविंग पर बेलदौर के डॉक्टर ने कैसे सत्यापित कर दिए? और शराब पीने का पुष्टि कैसे कर दिया? थाना अध्यक्ष, एसआई और डॉक्टर तीनों के मिलीभगत से बिना शराब पिए व्यक्ति को फसाने के नियत से उक्त रिसीविंग पर डॉक्टर से सत्यापित करवा लिया गया? जो कि गंभीर जांच का विषय है। जानकार की माने तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी के सामने जब शराब पीने का पुष्टि होता तो उसी वक्त रिसिविंग को वे सत्यापित करते। जब उनके सामने परिणाम 0 शुन्य आया तो बाहर से लाए हुए रिसीविंग पर दस्तखत करवाना उचित और न्याय संगत नहीं है? गोगरी डीएसपी कार्यालय में शराब पीने की जांच किया गया तो वहां पे भी मात्रा 0% शराब की महक निकला। जब शराब की महक नहीं निकला तो 15% शराब का महक बताकर कैसे जेल भेज दिया! मालूम हो कि संविधान के मौलिक अधिकार अनुच्छेद 19(1)(a) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की व्यवस्था दी गई।

आवेदन के अनुसार सुमलेश कुमार, राजकमल, मो0 नैयर, बिक्रम कुमार शर्मा, देव जी, मोहम्मद साजिद, भवेश कुमार एवं अजय कुमार आदि  पत्रकारों के द्वारा संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त एस पी को दिये गये आवेदन में आगे यह भी लिखा गया है कि बेलदौर थाना अध्यक्ष शिव कुमार यादव एवं एसआई महानंद चौधरी के काला करतुत का उजागर लगातार किया जा रहा था। जिसके कारण थानाध्यक्ष के इशारे पर एसआई महानंद चौधरी ने अपने सहयोगी शराबी को सेट कर पत्रकार को साजिश के तहत फंसाया गया। जो गंभीर जांच का विषय है। वहीं बेलदौर प्रखंड में अवैध बालू खनन के मामले में भी खबर प्रकाशित किए गए थे। वही संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत कानून के दायरे में रहकर कुछ भी बोलने या लिखने की आजादी दी गई है। जिसे थाना अध्यक्ष एवं एस आई के द्वारा दवाने का कोशिश किया जा रहा है।

खगड़िया से अनिश कुमार की रिपोर्ट

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