कभी पशुपति पारस को पराजित कर बने थे विधायक, अब मुखिया का चुनाव भी नहीं जीत सके राजद के यह पूर्व माननीय

कभी पशुपति पारस को पराजित कर बने थे विधायक, अब मुखिया का चुनाव भी नहीं जीत सके राजद के यह पूर्व माननीय

KHAGDIYA : एक व्यक्ति जो कभी पशुपति पारस ( वर्तमान में केंद्रीय मंत्री) को विधानसभा चुनाव में शिकस्त देने में कामयाब हुआ हो, वह मुखिया का चुनाव भी जीत पाए, तो यह बेहद चौंकानेवाली बात है। लेकिन यह सच है और यह मामला है खगड़िया जिले का, जहां सातंवें चरण के पंचायत चुनाव में राजद के पूर्व विधायक चंदन राम मुखिया का चुनाव हार गए। चौंकानेवाली बात यह है उन्हें हरानेवाला भी अपना ही करीबी नेता था। पूर्व विधायक की मुखिया चुनाव में हार को लेकर इलाके में खूब चर्चा हो रही है। 

बताया गया कि पंचायत चुनाव के सातवें चरण में खगड़िया सदर प्रखंड के बाकी बचे 12 पंचायतों खत्म हुआ और उसके बाद मतगणना में सबकी नजर पूर्व आरजेडी विधायक चंदन राम के ऊपर थीं कि वह जीतेंगे या हार जाएंगे. क्योंकि  वोटिंग के समय में तेतराबाद में वोटिंग को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा गया था। ऐसे में लोगों को उम्मीद थी वह एकतरफा जीत हासिल करेंगे। लेकिन, हुआ इसके विपरीत।अलौली के पूर्व विधायक चंदन कुमार उर्फ चंदन राम अपने पंचायत के मुखिया भी नहीं बन सके। उनको उनके ही प्रतिनिधि ने करीब 1,300 मतों से पराजित कर दिया। 

500 वोट भी नहीं मिले पूर्व विधायक, भाई भी चुनाव हार गया

राम 2015 के विधानसभा चुनाव में RJD के टिकट पर विधायक बने थे। उन्होंने पशुपति कुमार पारस वर्तमान केंद्रीय मंत्री को पराजित किया था।चंदन राम अपने पैतृक पंचायत तेताराबाद से इस बार मुखिया पद से अपनी किस्मत आजमा रहे थे। पंचायत चुनाव में पूर्व विधायक के चुनावी रण में उतरते ही उनकी जीत सुनिश्चित मानी जा रही थी, लेकिन वह 500 का भी आंकड़ा पार नहीं कर पाए। उनको उनके ही पूर्व प्रतिनिधि नंदकेश कुमार उर्फ मुन्ना प्रताप ने पराजित कर दिया। आपको बताते चले कि, पूर्व विधायक के भाई पिंटू राम भी जिप क्षेत्र संख्या-4 से अपना भाग्य आजमा रहे थे, लेकिन इस बार उनको भी जनता ने नकार दिया। यह उनकी सीटिंग सीट थी।


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