पप्पू यादव ने जताया अंदेशा, राजद के जगदानंद सिंह और शिवानंद तिवारी बीजेपी से हो रहे है गाईड

पप्पू यादव ने जताया अंदेशा, राजद के जगदानंद सिंह और शिवानंद तिवारी बीजेपी से हो रहे है गाईड

पटना. बिहार में महागठबंधन की सरकार बने 6 महीने भी ठीक से पूरे नहीं हुए है कि राजद और जदयू के वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री के कुर्सी के सवाल पर आमने सामने बयानों के तीर चला रहे हैं। इसी कड़ी में जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने दोनों पार्टियों के नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार विपक्षी एकता को मजबूत करने में लगे हुए है। वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी पद यात्रा कर भारत को एक सूत्र में बांधने के लिए निकले हुए हैं. ऐसी स्थिति में राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और वरिष्ठ राजद नेता शिवानंद तिवारी के बयान से हमें लगता है कि ये दोनों कहीं ना कहीं बीजेपी से गाईड हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हम लालू यादव से आग्रह करेंगे कि इस तरह की टीका टिप्पणी से पदाधिकारियों का मनोबल बढ़ रहा है। ऐसी बातों से सरकार की अस्थिरता दिखती है। पदाधिकारियों को लगता है कि सरकार ऐसे ही आती और जाती रहेगी। हमें कहने वाला कोई नहीं है। वहीं उन्होंने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि सुशील मोदी टाइप के जो लोग हैं। उनके पास कोई काम नही है। उल्टा पुल्टा बयान देकर सुर्खियों में बना रहना चाहते हैं। नीतीश कुमार के नेतृत्व में विपक्ष एक हो गए। 2024 आने में कितना दिन बांकी है। इसीलिए महागठबंधन के लोगों को 2024 के चुनाव तक ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए। 

पप्पू यादव ने कहा कि मैं जगदानंद सिंह और शिवानंद तिवारी से हाथ जोड़कर कहना चाहूंगा कि आप दोनों आदमी बेहतर सरकार को चलने दीजिए। मजबूत होने दीजिए और कन्फ्यूजन की स्थिति पैदा मत कीजिए। उन्होंने कहा कि हमें तो लगता है ये लोग कहीं ना कहीं बीजेपी से गाईड हो रहे हैं। पूरे देश मे जो गरीब लोगों की एकता बनी है, यह शिवानंद तिवारी और जगदानंद सिंह को समझ में आ रहा है या नहीं मुझे नहीं पता। अभी जिस प्रकार की स्थिति है सभी लोगों को संयम बरतने की जरूरत है। नीतीश कुमार वर्तमान में मुख्यमंत्री हैं उनका अभी कोई जोड़ नहीं है। 2024 में यदि विपक्षी एकता मजबूत होकर सामने आई और बिहार को नेतृत्व करने का गौरव प्राप्त होता है। तो मैं समझता हूं कि निश्चित रूप से नए नेतृत्व को मौका मिलेगा।


उन्होंने कहा कि राज्य में नीतीश कुमार के अलावा मुख्यमंत्री के लिए फ़िलहाल किसी अन्य नाम पर बात करने की जरूरत नहीं हैं. जगदानंद सिंह और शिवानंद तिवारी को अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए. अपने बयानों में गंभीरता दिखाएं. किसी अन्य के सीएम बनने की बात अगले विधानसभा चुनाव से पहले नहीं होनी चाहिए. राजद नेता खुरपी के बियाह में हंसुआ का गीत नहीं गाएं. उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को गरियाने से कोई फायदा नहीं होगा. परिस्थिति जन्य मुख्यमंत्री बताने वाले नेता क्यों नहीं खुद सीएम बन गए. सबको साथ लेकर चलने के सीएम नीतीश के राजनीतिक कौशल से सीख लेने की आवश्यकता है. 

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