हंगामेदार होगा संसद का मानसून सत्र, इंधन की बढ़ती कीमत, कोरोना महामारी और कृषि आंदोलन पर सरकार को देना होगा जवाब

हंगामेदार होगा संसद का मानसून सत्र, इंधन की बढ़ती कीमत, कोरोना महामारी और कृषि आंदोलन पर सरकार को देना होगा जवाब

NEW DELHI : संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है और जो 13 अगस्त तक चलेगा। माना जा रहा है कि मानसून सत्र पूरी तरह से हंगामेदार होगा। जहां केंद्र सरकार का फोकस ज्यादा से ज्यादा कामकाज करने पर होगा। सरकार सोमवार यानि आज से शुरू हो रहे संसद केके दौरान कई विधेयकों को पारित कराने के एजेंडे के साथ सदन में जाएगी। वहीं, विपक्ष भी कोविड-19 की दूसरी लहर से निपटने के तरीके, ईंधन की कीमतों में वृद्धि और किसान आंदोलन के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। 

सत्र शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चले, इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और पीएम मोदी ने रविवार को विभि‍न्‍न दलों के नेताओं के साथ बैठक की। बैठक के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संसद के इस सत्र में कुल 19 बैठकें होंगी। संसद की कार्यवाही के दौरान कोरोना नियमों का पालन होगा। मेरी सभी पार्टियों के साथ चर्चा हुई। वहींप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सर्वदलीय बैठक में कहा कि सरकार संसद में विभिन्न मुद्दों पर उपयोगी चर्चा करने के पक्ष में है। बैठक में पीएम मोदी ने संसद के कामकाज के सुचारू संचालन और उक्‍त कानूनों को पारित कराने के लिए सभी दलों से सहयोग मांगा।

विपक्ष ने की पूरी तैयारी

मानसून सत्र को लेकर कांग्रेस सहित दूसरे विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। इससे साफ है कि सत्र के शुरुआती दिन हंगामेदार होंगे। फिलहाल विपक्ष जिन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, उनमें कोरोना की दूसरी लहर के कुप्रबंधन, वैक्सीन की कमी, पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और कृषि कानून विरोधी आंदोलन जैसे मुद्दे शामिल हैं। वहीं, सत्ता पक्ष भी बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्याओं और उत्तर प्रदेश में सामने आए मतांतरण जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग कर सकता है।

31 विधेयक किए जाएंगे पेश

इस सत्र में सरकार द्वारा वित्त से संबंधित दो सहित 31 विधेयकों पर विचार किए जाने की संभावना है। लोकसभा अध्‍यक्ष की ओर से बुलाई गई बैठक से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने साफ किया कि वह संसद में स्वस्थ और उपयोगी प्रत्येक बहस के लिए तैयार है। संसदीय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत कोई मुद्दा उठाया जाता है तो सरकार कोई आपत्ति नहीं है। 

19 दिन में 17 नए विधेयक किए जाएंगे

मानसून सत्र को लेकर सरकार ने कामकाज को लेकर पूरी रणनीति तैयार कर ली है। इसके तहत संसद में करीब दो दर्जन विधेयक पारित कराने की योजना है। जिनमें करीब 17 नए विधेयक हैं, जबकि तीन अध्यादेश भी हैं, जिन्हें विधेयक के रूप में पारित कराया जाएगा। वैसे भी अध्यादेश की अवधि सिर्फ छह महीने की ही होती है, ऐसे में सरकार को इन्हें पारित करना सबसे जरूरी है। इनमें से एक अध्यादेश 30 जून को जारी किया गया था जिसके जरिये रक्षा सेवाओं में शामिल किसी के विरोध प्रदर्शन या हड़ताल में शामिल होने पर रोक लगाई गई है।

समय से पहले बुलाए सभी नए मंत्री

मानसून सत्र में  उन मंत्रियों के काम की भी समीक्षा होगी, जिन्होंने हाल में ही मोदी कैबिनेट में जगह बनाई है।  उन्हें सत्र के पहले दिन से विपक्ष के तीखे सवालों का जवाब देना होगा। वहीं, मंत्रिमंडल में शामिल नए चेहरों का सदन में परिचय कराया जाएगा। इसके चलते मंत्रिमंडल में शामिल नए मंत्रियों को सदन में समय से थोड़ा पहले पहुंचने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही इस सत्र में दोनों सदनों की बैठक व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। खासकर मंत्रिमंडल से जिन वरिष्ठ मंत्रियों की छुट्टी की गई है, उन्हें अब पीछे की सीटों पर जाना होगा। 

स्थगन प्रस्ताव की तैयारी


 विपक्षी दल की बैठक के बाद आरएसपी नेता एन. के. प्रेमचन्द्रन ने बताया कि विभिन्न विपक्षी पार्टियां किसानों के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में स्थगन प्रस्ताव लाएंगी। विपक्षी दलों की बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), आईयूएमएल, आरएसपी, शिवसेना और आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने हिस्सा लिया।


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