स्वच्छता सर्वेक्षण में देश में 44 वें स्थान पर आया पटना, गंगा टाउन की श्रेणी में तीसरे पायदान पर लगायी छलांग

स्वच्छता सर्वेक्षण में देश में 44 वें स्थान पर आया पटना, गंगा टाउन की श्रेणी में तीसरे पायदान पर लगायी छलांग

PATNA : स्वच्छता से जुड़े विश्व के सबसे बड़े सर्वे “स्वच्छ सर्वेक्षण” के छठे संस्करण स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में पटना ने सभी घटकों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए सभी श्रेणियों में उच्च स्थान प्राप्त किया है। 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की लिस्ट में जहां पटना को कुल 2739.92 अंक के साथ 44 वीं रैंक मिली है। वहीं गंगा टाउन श्रेणी में बड़ी छलांग लगाते हुए 97 शहरों की लिस्ट में पटना तीसरे स्थान पर काबिज हो चुका है। विदित है कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में पटना को 10 लाख आबादी वाले शहरों की लिस्ट में 1552.11 अंकों के साथ 47वां स्थान मिला था, वहीं गंगा टाउन की श्रेणी में 37.12 अंकों के साथ पटना 32 वें रैंक पर था। 

सिटीजन व्यॉस घटक में 4320 शहरों में पटना 174 वें पायदान पर

स्वच्छ सर्वेक्षण के तीन घटकों में पटना को सबसे ज्यादा अंक सिटीजन व्यॉस में मिला है। स्वच्छता कार्यों में जनता की सहभागिता एवं फीडबैक के आधार पर हुई गणना में पटना को कुल 1341 अंक प्राप्त हुए हैं। कुल 4320 शहरों को सिटीजन व्यॉस पिलर में मिले अंकों की फेहरिस्त में पटना 174 वें पायदान पर है। सर्वेक्षण के दौरान बिहार राज्य से कुल 4,77,849 लोगों ने अपने-अपने निकायों की स्वच्छता पर हुई पोलिंग में भाग लिया, जिसमें पटनावासी अव्वल रहे। पटना के कुल 2,01,662 लोगों ने स्वच्छता पर हुए ऑनलाइन पोलिंग में भाग लिया। 

सर्विस लेवल प्रोग्रेस में पटना का प्रदर्शन सबसे बेहतर

पटना नगर निगम ने सबसे बेहतर प्रदर्शन सर्विस लेवल प्रोग्रेस घटक में किया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में पटना को जहां कुल 1098 अंक प्राप्त हुए वहीं, स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में इस श्रेणी में पटना को 105.16 अंक मिले थे। विदित है कि सर्विस लेवल प्रोग्रेस पिलर के अंतर्गत कचरा उठाव, ठोस अपशिष्ट एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के आधार पर मूल्यांकन किया गया। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में पटना नगर निगम द्वारा वर्तमान में सौ फीसदी वार्डों से कचरा उठाव किया जा रहा है। इस श्रेणी में पटना को अधिकतम अंक मिले, वहीं, कचरा पृथक्करण एवं प्रोसेसिंग हेतु आवश्यक आधारभूत संरचनाओं की कमी की वजह से पटना नगर निगम को कम अंक प्राप्त हुए। 

ठोस अपशिष्ट का निष्पादन

उल्लेखनीय है कि शत प्रतिशत वार्डों में कचरा पृथक्करण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए पटना नगर निगम द्वारा आम जनता को बीच सूखा-कचरा एवं गीला कचरा अलग-अलग संग्रह करने हेतु जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, निकाय स्तर से विभिन्न स्थानों पर कम्पोस्टिंग पिट बनाए जा रहे हैं। साथ ही डंपिंग यार्ड में ट्रॉमेल मशीन के माध्यम से ठोस अपशिष्ट को अलग अलग श्रेणी में छांटकर उनका निष्पादन किया जा रहा है। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है।पटना नगर निगम द्वारा सभी उपलब्ध संसाधनों का उत्कृष्ट दोहन कर सीमित संसाधनों में स्वच्छता व्यवस्था हेतु कार्य किया जा रहा है। वहीं, अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार द्वारा वेस्ट टू एनर्जी, बायोमीथेनेशन एवं कम्पोस्टिंग हेतु वृहद योजना पर कार्य किया जा रहा है।  

ओडीएफ प्लस सर्टिफिकेट से मिली बढ़त

सर्टिफिकेशन की श्रेणी में पिछले सर्वेक्षण में पटना को शून्य अंक मिले। वहीं, इस वर्ष पटना नगर निगम को सर्टिफिकेशन में 300 अंक मिले हैं। पटना को ओडीएफ प्लस सर्टिफिकेशन के लिए 300 अंक मिले हैं।  

बेहतर प्रदर्शन के लिए पटनावासियों को बधाई

देशभर में पटना के 44 वें रैंक आने पर महापौर एवं नगर आयुक्त को स्थायी समिति के सदस्यों  एवं पार्षदों द्वारा बधाई दी गई। महापौर ने पटना वासियों को इसके लिए धन्यवाद दिया और स्वच्छता को आदत में शामिल करने की अपील की। नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि शहर को सबके साथ की जरूरत है। पटना नगर निगम द्वारा गुणवत्तापूर्ण  सेवा उपलब्ध करवाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। जनता भी अपना दायित्व निभाये और अपनी शिकायतें एवं सुझाव टोल फ्री नम्बर और एप के मध्यम से हम तक पहुंचाएं ।

उल्लेखनीय है कि पटना नगर निगम ने स्वच्छता कार्यों में आम जनता की सहभागिता बढ़ाने के मकसद से “हमारा शहर मांगे हमारा साथ” की थीम पर विभिन्न पहल यथा- सिटी एम्बैसडर प्रोग्राम, वन ड्रीम पटना क्लीन, वेस्ट टू वंडर स्वच्छाग्रही, पटना की ब्यूटी हम सबकी ड्यूटी, शौचालयों की कलर कोडिंग, कॉन्टेस्ट, स्वच्छता दीदी आदि कार्यक्रम लॉन्च किए। इन सबसे से शहर की स्वच्छता बनाए रखने के प्रयासों में पटना नगर निगम को बड़ी सहायता मिली। 

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