राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मामलों पर पटना हाईकोर्ट की सुनवाई, अवैध कब्जे, भूमि अधिग्रहण को लेकर की समीक्षा, दिए दिशा-निर्देश

राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मामलों पर पटना हाईकोर्ट की सुनवाई, अवैध कब्जे, भूमि अधिग्रहण को लेकर की समीक्षा, दिए दिशा-निर्देश

PATNA: पटना हाईकोर्ट ने बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित कई मामलों की समीक्षा एवं सुनवाई की। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ के समक्ष इस मामले पर सुनवाई के दौरान बताया गया कि हाजीपुर के रामआशीष चौक से बस स्टैंड और टेम्पो स्टैंड का अवैध कब्ज़ा हटा दिया गया। साथ ही एक राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर स्थित पुलिस बिल्डिंग को खाली करा दिया गया है। वहीं उसका कुछ हिस्सा तोड़ दिया गया है। 

पटना हाईकोर्ट को बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा ठेकेदार की नियुक्ति कर सड़क बनाने एवं विकास का कार्य शुरू किया जा रहा है। सुनवाई के दौरान मुजफ्फररपुर के जिलाधिकारी भी जुड़े हुए थे। उन्होंने बताया गया कि मुज़फ़्फ़रपुर बाईपास के लिए ज़मीन पर से एक हफ़्ते के अंदर सभी अवैध अतिक्रमण भी हटा दिया जाएगा। इसके बाद हाजीपुर से मुज़फ़्फ़रपुर तक का मार्ग बहुत सुगम हो जाएगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट यह कहा कि जब राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने के लिए ज़मीन अधिग्रहण करने हेतु सारा पैसा भारत सरकार से आता है। साथ ही सड़क निर्माण में पैसा भारत सरकार का लगता है एवं राज्य सरकार के पदाधिकारियों को सिर्फ़ भूमि अधिग्रहण करने का काम करना होता है । फिर भी इतनी देर इस काम में क्यों लगायी जाती है, जिससे यह सड़क परियोजना को पूरा होने में 8 साल 10 साल लग जाते हैं। यह कहीं से उचित नहीं है।


अब एक अन्य मामले की सुनवाई करते हुए औरंगाबाद से शुरू होकर दरभंगा तक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के ज़मीन अधिग्रहण से संबंधित मामले में आज जिलाधिकारियों द्वारा अंडरटेकिंग नहीं दी गई है। इसके लिए कुछ समय की माँग की गई है। कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग के वक़ील एस डी संजय से यह जानकारी मांगी है कि अब तक भारत सरकार द्वारा पिछले एक वर्षों में कितना पैसा सिर्फ़ ज़मीन अधिग्रहण के लिए बिहार सरकार को जमा किया गया है,इसकी जानकारी दें। इस मामले की अगली सुनवाई एक हफ़्ते के बाद रखी गई है।

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