पटना हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर लगाया 10 हज़ार रूपये का अर्थदंड, समान राहत के लिए दुबारा रिट याचिका दायर करने का आरोप

पटना हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर लगाया 10 हज़ार रूपये का अर्थदंड, समान राहत के लिए दुबारा रिट याचिका दायर करने का आरोप

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने एक ही तथ्य पर समान राहत के लिए दुबारा रिट याचिका दायर करने पर याचिकाकर्ता पर  दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। जस्टिस पी बी बजन्थरी ने याचिकाकर्ता मंगल देव सिंह की याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता ने वर्तमान याचिका उसी राहत के लिए दायर की थी, जिस राहत के लिए याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष दायर अपनी पूर्व की याचिका में प्रोन्नति की तिथि से वेतन में वार्षिक वृद्धि के लिए दायर किया था। याचिकाकर्ता को राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग में कार्यरत अधिकारी को जूनियर इंजीनियर के पद से असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर प्रोन्नति विभाग द्वारा ही कैबिनेट की मंजूरी के बाद दे दी गई थी। 

इसके बाद याचिकाकर्ता ने  एक याचिका पटना हाईकोर्ट के समक्ष  पूर्व में ही दाखिल किया था, जिसमें भूतलक्षी प्रभाव से आर्थिक लाभ देने हेतु आदेश देने का आग्रह कोर्ट से किया गया था। हाई कोर्ट के आदेश से ही समूचा वित्तीय लाभ प्रोन्नति की तिथि से याचिकाकर्ता को मिला था। याचिकाकर्ता ने पटना हाईकोर्ट में दूसरा रिट याचिका वेतन में वार्षिक वृद्धि के लिए दायर किया। इस बार कोर्ट ने सशर्त याचिका को स्वीकार किया। याचिकाकर्ता विभागीय परीक्षा पास की हो या परीक्षा पास करने से छूट मिल गई हो, यदि याचिकाकर्ता 50 वर्ष से ऊपर का हो और अन्य शर्तों को पूरा करता हो। 

राज्य सरकार के अधिवक्ता नीरज कुमार ने बताया कि इस मामले में भी याचिकाकर्ता का कहना था कि वो वार्षिक वेतन वृद्धि के लिए भी हकदार है। जबकि विभाग द्वारा आदेश पारित किया गया था कि याचिकाकर्ता को इसका लाभ भूतलक्षी प्रभाव से नहीं मिल सकता है। इन्हीं सब बातों के मद्देनजर कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।

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