पटना हाईकोर्ट के आदेश की भागलपुर में उड़ी धज्जियां, रोक के बावजूद सैंडिस कंपाउंड में अवैध निर्माण कार्य जोरों पर

पटना हाईकोर्ट के आदेश की भागलपुर में उड़ी धज्जियां, रोक के बावजूद सैंडिस कंपाउंड में अवैध निर्माण कार्य जोरों पर

BHAGALPUR : भागलपुर के चर्चित सैंडिस कंपाउंड में अवैध निर्माण पर पटना हाईकोर्ट के द्वारा निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया गया था। लेकिन पटना हाईकोर्ट के आदेश को ताक पर रखकर रोक के बाद भी अधिकारियो और कर्मियों द्वारा लगातार रात और दिन एक करके इस अवैध निर्माण कार्य को जोर शोर से कराया जा रहा है। जब इस अवैध निर्माण कार्य की जानकारी लेने नगर निगम आयुक्त के कार्यालय पहुंचे तो वहां कार्यालय में नगर निगम आयुक्त की मौजूदगी नही होने के कारण उनसे कोई जानकारी नहीं मिल पाई।  


जब इसको लेकर स्मार्ट सिटी कार्यालय के चीफ जनरल मैनेजर संदीप कुमार से बात की गई तो उन्होंने रोक के किसी भी आदेश की जानकारी नहीं होने की बात कही और विशेष जानकारी नगर आयुक्त से बात करने की सलाह दी। आपको बता दे की हाईकोर्ट ने भागलपुर के चर्चित सैंडीस कंपाउंड क्षेत्र में अनधिकृत रूप से बनाए गए निर्माण के मामले में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने जनहित याचिकाकर्ता गोयंका की याचिका पर सुनवाई करते भागलपुर नगर निगम के आयुक्त विकाश कुमार को की जा रही कार्रवाई पर का ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने भागलपुर नगर निगम के आयुक्त को अगली सुनवाई में कोर्ट में उपस्थित रहने का भी निर्देश दिया है।

बता दें कि कोर्ट ने पिछली सुनवाई में इस मामले पर सुनवाई करते हुए अनधिकृत निर्माण पर रोक लगा दिया था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शिल्पी केसरी ने इस मामले में बताया था कि भागलपुर में यह एक सार्वजनिक पार्क है जहां यहां के नागरिक टहलने खेलने और मनोरंजन के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि वे पार्क के सौंदर्यीकरण का समर्थन करती है। लेकिन पार्क के मूल उद्देश्य में परिवर्तन नहीं हो।

अधिवक्ता शिल्पी केसरी ने बताया कि कोर्ट ने इस मामले पर 2004 में भी सुनवाई की थी। कोर्ट ने पार्क के क्षेत्र के भीतर किसी तरह के निर्माण पर रोक लगा दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि पार्क को जिस उद्देश्य से बनाया गया है। उसी के लिए उपयोग हो। उन्होंने कोर्ट को बताया कि बाद में प्रशासन ने जन उपयोगी निर्माण के नाम पर कुछ निर्माण कार्य करने की अनुमति कोर्ट से ले ली ।लेकिन बाद में अंधाधुन और मनमाने तरीके से निर्माण होने लगे। जिससे इस पार्क का उद्देश्य ही खत्म हो गया। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया था कि भागलपुर नगर निगम को 29 सितंबर 2021 को कोर्ट के आदेश को पालन करने के संबंध में आदेश दिया जाए। इस मामले पर अगली सुनवाई 15 दिसंबर को की जाएगी।

भागलपुर से बालमुकुन्द की रिपोर्ट 

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