पटना के मनेर में बाढ़ ने लिया रौद्र रूप, सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद, कई गांव के लोग पलायन को मजबूर

पटना के मनेर में बाढ़ ने लिया रौद्र रूप, सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद, कई गांव के लोग पलायन को मजबूर

PATNA : बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित पटना के गोद में बसे मनेर के दियारा इलाका कई दिनों से जलमग्न है। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। गंगा और सोन नदी के जलस्तर में लगातार तेजी से वृद्धि होने का असर मनेर के दियारा इलाका में देखने को मिल रहा है। जलस्तर बढ़ने के बाद आधा दर्जन पंचायत जलमग्न हो गए है। अचानक पंचायत में पानी घुसने के बाद पूरे गांव में हाहाकार मचा है और आनन-फानन में लोग गांव से पलायन करने को मजबूर है। जान माल की सुरक्षा के लिए प्रखंड के लोग अपने साथ-साथ अपने पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में जुट गए हैं।

 

दियारा इलाके के हल्दी छपरा बाजार, नयका बाज़ार, महावीर टोला ,रामनगर,छिहत्तर टोला, रत्नटोला, मनेर राम घाट पुल, हुलासी टोला, इसलामगंज आदि गांव में 5 से 6 फीट तक गंगा का पानी पूरी तरह घुस चुका है। इसके कारण लोगों को आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नीचे गंगा का जलस्तर का बढ़ता पानी और ऊपर चिलचिलाती धूप इसके बीच पंचायत के निवासी किकर्तव्य भी मूड बने हुए हैं। बाढ़ से परेशान गांव की मुन्नी देवी ने बताया कि इस वर्ष का बाढ़ काशी विकराल रूप लिए है। गांव की सीता देवी ने बताया कि एक तरफ तो गांव में चारों तरफ पानी ही पानी है वहीं दूसरी तरफ खुले छत पर सरकार ने त्रिपाल तक की व्यवस्था नहीं की है ताकि वे धूप की विविधता को भी खेल सके। ऐसे में अगर गांव के लोग किसी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं तो उन्हें बचा पाना या फिर सुरक्षित स्थानों पर ले जाना काफी जोखिम भरा काम होगा। 

गांव के लोगों ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चारों तरफ घूम घूम के बाढ़ क्षेत्रों का मुआयना तो कर रहे हैं लेकिन मनेर इलाके में अभी तक सरकार के द्वारा लोगों को किसी तरह की राहत और बचाव कार्य नसीब नहीं हो सका है। लोगों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ही पटना जिलाअधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह मनेर क्षेत्र के दियारा इलाके का जायजा लेने भी पहुंचे थे। उन्होंने सरकार के तरफ से पहुंचाई जा रही योजनाओं पर बात करते हुए कहा था कि बाढ़ से लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी सरकार द्वारा जो भी योजनाएं होंगी उन तक पहुंचाया जाएगा। 

लेकिन जिलाधिकारी की घोषणा के बावजूद भी आज तक मनेर पंचायत के कई गांवों के लोगों को किसी तरह की कोई राहत सरकार के तरफ से नहीं दी गई है इसके कारण लोग परेशान और मजबूर हैं। बाढ़ के पानी कारण हजारों एकड़ में लगी फसल भी जलमग्न हो चुकी है। बहरहाल मनेर प्रखंड के कई पंचायतों में जिस तरह सोन और गंगा नदियों ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है अगर सरकार द्वारा जल्द ही बचाव और राहत कार्य नहीं चलाए गए तो यहां बड़े पैमाने पर फसलों के साथ-साथ जान माल के नुकसान से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

पटना से सुमित की रिपोर्ट 


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