पटना में फ़ूड, हेल्थ और हाइजीन विषय पर वेबिनार का हुआ आयोजन, 90 हज़ार करोड़ के अनाज की बर्बादी पर जताई चिंता

पटना में फ़ूड, हेल्थ और हाइजीन विषय पर वेबिनार का हुआ आयोजन, 90 हज़ार करोड़ के अनाज की बर्बादी पर जताई चिंता

PATNA : बिहार स्टेट एक्टिविटी कौंसिल, पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन तथा मेंटर्स एंड ट्रेनर्स एसोसिएशन की ओर से आज वेबीनार का आयोजन किया गया. फ़ूड, हेल्थ और हाइजीन विषय पर आयोजित इस वेबीनार में पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट तथा बिहार स्टेट प्रोडक्टिविटी काउंसिल के सेक्रेटरी जनरल बसंत कुमार सिन्हा शामिल थे. मुख्य वक्ता ने अपने संबोधन में कहा कि फूड, हेल्थ, कृषि भूख सब एक दूसरे से संबंधित हैं. इन सब पर विचार करने की आवश्यकता है. 

उन्होंने बताया कि यूनाइटेड नेशन में 17 सस्टेनेबल गोल निर्धारित किए गए हैं. जिसे विश्व समुदाय को 2030 तक एचिव करना है. कृषि के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान, वैज्ञानिक कृषि, सिंचाई की समुचित व्यवस्था, समय पर खाद और बीज उपलब्ध करना, पर्यावरण का ध्यान करके खेती करना एवं फसलों को उपजाना तथा किसानों को समय-समय पर वित्तीय सहायता को प्राथमिकता देनी होगी. गुड एग्रीकल्चर प्रैक्टिस को अपनाकर ही इस गोल को हासिल किया जा सकता है. साथ ही साथ उचित भंडारण की व्यवस्था तथा अनाजों के बर्बादी को रोकना भी होगा. करोड़ों टन अनाज हर वर्ष बर्बाद हो जाते हैं जो चिंता का विषय है. 

एक रिपोर्ट के मुताबिक गत वर्ष 90 हज़ार करोड़ के अनाज बर्बाद हुए हैं. अपने स्वास्थ्य को ठीक कर रखने के लिए हमें माइंडफुल ईटिंग की तरफ ध्यान देना होगा. यानी जंक फूड को नजरअंदाज करना होगा. जो हमारे परंपरागत खानपान हैं उसको अपनाना होगा. हमें अल्कलाइन फूड को ही खाना है ना कि एसिडिक वाले भोजन जैसे मांस मछली अंडा इत्यादि. हमारे शरीर का मध्यम एल्कलाइन है. इसलिए एल्कलाइन नेचर वाले पूरे शरीर के लिए उपयुक्त है. साथ ही साथ हमें इस सूत्र को भी याद रखना है कि 4R राइट फूड, राइट FLUID, राइट टाइम और राइट अमाउंट. हमें पौष्टिक आहार तथा फाइबर युक्त आहार का ही सेवन करना है.

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