24 दिसंबर को पटना में होगा बेतिया फिल्म फेस्टिवल का आयोजन, कई राज्यों के फिल्मों की होगी स्क्रीनिंग

24 दिसंबर को पटना में होगा बेतिया फिल्म फेस्टिवल का आयोजन, कई राज्यों के फिल्मों की होगी स्क्रीनिंग

PATNA : बेतिया के इतिहास में पहली बार फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। यूं तो जिले की बेटी ऋचा शर्मा ने फिल्म के क्षेत्र में अमेरिका में बिहार का झंडा बुलंद किया है। ऐसे में अब देश और विदेश के फिल्ममेकर्स को बेतिया से जोड़ने की दिशा में ये एक सराहनीय प्रयास है। आपको बता दें कि पटना में बेतिया इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। कोरोना के कहर को देखते हुए इस फिल्म महोत्सव को वर्चुअल और एक्चूअल दोनों मोड में किया जाएगा ।इस फिल्म फेस्टिवल की डायरेक्टर ऋचा शर्मा हैं वहीं प्रोग्रामिंग हेड राहुल वर्मा हैं। बतौर डायरेक्टर ऋचा का कहना है कि कोरोना के कहर को देखते हुए, कोविड 19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। सीमित संख्या में लोगो की उपस्थिति होगी। आपको बता दें इस फेस्टिवल में तीस राज्यों से फिल्में आई हैं। इसके साथ फेस्टिवल के जरिए 20 देशों के फिल्ममेकर्स जुड़े हैं। 24 दिसंबर को इस फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। पटना के सगुना मोड़ स्थित आर्केड बिजनेस कॉलेज ऑडिटोरियम में स्पेशल अवॉर्ड फंक्शन का आयोजन किया जाएगा। इस फेस्टिवल में हर राज्यों के फिल्ममेकर्स की उपस्थिति होगी। साथ ही जो बिहार नहीं पहुंच पाए वो वर्चुअली इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे।

सुपर -30 के आनंद होंगे मुख्य अतिथि 

बतौर डायरेक्टर ऋचा शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम में सुपर -30 के आनंद और डिजी ट्रेनिंग आलोक राज मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे । इसके साथ फिल्म से जुड़े जाने माने चेहरे भी इस फेस्टिवल में नजर आएंगे। फेस्टिवल का उद्देश्य बिहार के लोगों में फिल्मों के प्रति रुझान बढ़ाना और अन्य राज्यों के फिल्म निर्माताओं को बिहार की संस्कृति से रूबरू करवाना है। फेस्टिवल के प्रायोजक प्रिंस राज, अरुण कुमार सोनी, रजनीश कुमार और शिलभद्र हर्षवर्धन है। 

हर भाषा की फिल्म के लिए हैं अलग जूरी मेंबर

इस फेस्टिवल में अलग अलग राज्यों से आयी फिल्मों के चयन के लिए जूरी पैनल में विभिन्न भाषाओं के फिल्मी हस्तियों, फिल्म समीक्षक को शामिल किया गया है। जूरी बोर्ड में स्नेह उपाध्याय, मनोज भावुक, डॉ कुमार विमलेंदु के साथ कई प्रमुख चेहरे मौजूद हैं।

इससे पहले ऋचा को अमेरिका में भी सम्मानित किया जा चुका है। ऋचा की कई फिल्में देश विदेश में स्क्रीनिंग कि जा चुकी है । ऋचा का कहना है कि बिहार कला के क्षेत्र में धनी राज्य है। बस संसाधनों की कमी के कारण कला के क्षेत्र में उतना विकास नहीं हो पाया। आज भी लोग अपने बेटे या बेटी को फिल्म लाइन में भेजने से डरते है। फिल्म भी करियर का एक साधन हो सकता है ये लोग समझ नहीं पाते। बस इसी समझ को विकसित करने के लिए ऋचा ने ये कदम उठाया है।

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