अंडे की पेटी में रखकर ला रहे थे पटना के होटलो, रेस्टोरेंटों के खाने की जांच रिपोर्ट, ट्रेन से पूरी पेटी ही हो गई चोरी

अंडे की पेटी में रखकर ला रहे थे पटना के होटलो,  रेस्टोरेंटों के खाने की जांच रिपोर्ट, ट्रेन से पूरी पेटी ही हो गई चोरी

PATNA :  बिहार के सरकारी विभागों के कारनामे बड़े ही अजीब होते हैं। कभी यहां चूहे करोड़ो की शराब डकार जाते हैं। सरकारी दस्तावेजों को कूतर देते हैं। कभी आग लग जाती है। अब एक नया कारनामा सामने आया है। वह भी खाद्य विभाग से जुड़ी हुई है। राजधानी  पटना और उसके आसपास के इलाकों में संचालित होटलों, मिठाई दुकानों और रेस्टोरेंटों में मिलनेवाले खाने की सैंपल जांच रिपोर्ट ही गायब हो गई है। वह भी एक दो नहीं बल्कि 1500 खाद्य सैंपल एक साथ चोरी हो गई है। बताया गया कि इन सैंपलों को जांच के लिए कोलकात्ता भेजा गया था। वहीं से रिपोर्ट पटना आ रही थी, लेकिन रास्ते में ही पूरी रिपोर्ट चोरी हो गई। इन सैंपलों की चोरी होने को लेकर जो बहाना खाद्य विभाग ने जो बात कही है, वह और भी हास्यास्पद है।

अंडे की पेटी में ला रहे थे सैंपल रिपोर्ट

किसी  विभाग में ऐसा शायद ही कभी सुनने को मिला होगा कि सरकारी रिपोर्ट को लाने के लिए अंडे की पेटी का उपयोग किया जाए और इत्तेफाक ऐसा कि ट्रेन से पूरी की पूरी अंडे की वह पेटी ही चोरी  हो जाए। खाध सैंपलों की जांच रिपोर्ट को लेकर यही बहाना बनाया गया है कि किसी ने अंडे समझकर पूरी की पूरी पेटी ही गायब कर दी है। 

होली से पहले चला था अभियान

खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ इस साल होली के पहले पूरे राज्य में जबरदस्त अभियान चला था। राजधानी पटना समेत राज्य भर से करीब 145 मिष्ठान भंडारों, रेस्टोरेंटों और होटलों से मिलावटी खाद्य सामग्री होने के संदेह में 145 सैंपल लिये गये थे. चार माह बाद कोलकाता में सैंपलों की जांच के बाद रिपोर्ट पटना भेज दी गयी। लेकिन सभी रिपोर्ट रास्ते में ही गायब हो गयी. जांच रिपोर्ट करीब चार हजार पन्नों में थी. बताया जाता है कि एक रिपोर्ट करीब तीन पन्ने की थी।

जांच रिपोर्ट लाने के लिए शहर से खाद्य सुरक्षा विभाग के कर्मचारी को 10 दिन पहले कोलकाता भेजा गया था. सूत्रों की मानें, तो संबंधित कर्मचारी रिपोर्ट लेकर राजेंद्र नगर-हावड़ा एक्सप्रेस से आ रहा था. लेकिन, बीच रास्ते में ही रिपोर्ट गायब हो गयी। संबंधित कर्मचारी से पूछताछ की गयी, तो बताया कि वह रिपोर्ट को अंडे के कार्टन में रख कर पटना ला रहा था। रात को नींद लगी, तो किसी ने अंडा समझ कर कार्टन गायब कर दिया।

मिलावट पर छह माह से उम्रकैद तक की सजा

खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर कड़े कानून हैं। अगर सैंपल सेहत के लिए हानिकारक पाये जाते हैं, उनमें एफआइआर दर्ज कर एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा चलता है. मामला सही पाया गया, तो इसमें छह माह से लेकर उम्रकैद तक की सजा के साथ ही तीन लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। लेकिन यह सजा तभी हो सकती है,  जब कोर्ट के सामने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यहां वही जांच रिपोर्ट गायब कर दी गई। 

मामले में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय कुमार की मानें तो रिपोर्ट लाने के लिए कर्मचारी को कोलकाता भेजा गया था, लेकिन उसने बताया कि जांच रिपोर्ट ट्रेन से गायब हो गयी. कर्मचारी से जल्द-से-जल्द रिपोर्ट विभाग को मुहैया कराने के लिए कहा गया है. इस मामले में जांच भी चल रही है


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