फुलवारीशरीफ CO सस्पेंड, DM को पटना HC में होना पड़ा था पेश, पांच हजार म्यूटेशन आवेदन दबा कर बैठे थे अंचलाधिकारी

फुलवारीशरीफ CO सस्पेंड, DM को पटना HC में होना पड़ा था पेश, पांच हजार म्यूटेशन आवेदन दबा कर बैठे थे अंचलाधिकारी

PATNA: पटना जिले के फुलवारीशरीफ अंचलाधिकारी को निलंबित कर दिया गया है. पटना के जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने फुलवारी के अंचलाधिकारी चंदन कुमार को निलंबित किया है. फुलवारीशरीफ अंचलाधिकारी की लापरवाही की वजह से पटना के डीएम को हाई कोर्ट में पेश होना पड़ा था. पटना डीएम ने फुलवारीशरीफ अंचल कार्यालय की जांच की तो सीओ की पोल खुल गई। साथ ही यह बात प्रमाणित हो गई कि दाखिल-खारिज में अंचलाधिकारी द्वारा बड़े स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है। जांच में पाया गया है कि अंचलाधिकारी म्यूटेशन के करीब 5 हजार मामले लंबित रखे थे. साथ ही 35 आवेदन ट्रैकलेस मिले.  

सीओ की लापरवाही से डीएम को कोर्ट में सशरीर होना पड़ा था हाजिर  

 पटना डीएम ने 1 अक्टूबर 2022 को फुलवारी शरीफ के प्रभारी अंचल अधिकारी चंदन कुमार के खिलाफ रिपोर्ट किया था. जिसमें कहा गया था कि अखिलेश कुमार गुप्ता बनाम बिहार राज्य एवं अन्य केस में अंचल अधिकारी फुलवारीशरीफ द्वारा अतिक्रमण बाद में लापरवाही बरती गई. साथ ही गलत प्रपत्र में नोटिस निर्गत किया गया. इस वजह से हमें हाई कोर्ट में सशरीर हाजिर होना पड़ा . 

दाखिल खारिज के 4920 मामले लंबित

पटना डीएम की रिपोर्ट में कहा गया था कि पटना हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिए गए निर्देश के आलोक में 22 सितंबर 2022 को अंचल कार्यालय फुलवारी शरीफ में अतिक्रमण बाद से संबंधित अभिलेखों की जांच की गई. जांच में पाया गया कि अंचल अधिकारी ने विहित प्रपत्र में नोटिस निर्गत नहीं किया. साथ ही कागजात का भी संधारण सही तरीके से नहीं की जाती थी. कई अभिलेख में पारित आदेश का अनुपालन नहीं किया गया था .वहीं कई अभिलेख कई तारीख से उपस्थापित नहीं किए गए थे. अंचल कार्यालय में दाखिल खारिज के 4920 मामले प्रक्रियाधीन थे. जिसमें 52 आवेदन 75 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं .उनमें से 35 आवेदन को ट्रैकलेस बताया गया. पटना डीएम ने इन तमाम आरोपों में निलंबन की अनुशंसा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से की थी. इसके बाद सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया है.

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